छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने स्कूल में करीब 12 विद्यार्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर काटा। इस छात्र को कुछ महीने पहले एक कुत्ते ने काटा था। इसके चलते हाइड्रोफोबिया की आशंका जताई गई।

छात्र को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
डॉक्टरों ने बताया कि छात्र में हाइड्रोफोबिया का कोई लक्षण नहीं पाया गया है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है। यह शरारत लग रही है। बता दें कि हाइड्रोफोबिया (पानी का डर) मुख्य रूप से रेबीज का अंतिम और गंभीर लक्षण है।
केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित होने पर पानी निगलने में असमर्थता, गले में तीव्र ऐंठन, पानी के संपर्क में आने पर अत्यधिक बेचैनी महसूस होती है।कुरूद के ब्लाक मेडिकल आफिसर डॉ. जेपी दीवान ने बताया कि यह घटना पिछले तीन से चार दिनों में हुई।
छात्र के इस व्यवहार से स्कूल में दहशत फैल गई। शिक्षकों और ग्रामीणों ने इसकी सूचना अस्पताल को दी, जहां छात्र की पूरी जांच की गई। छात्र को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में सुरक्षा के मद्देनजर रखा गया है। उसकी स्थिति सामान्य है; वह सामान्य तरीके से खाना और पानी पी रहा है।
हालांकि, सुरक्षा के लिए जिन विद्यार्थियों को छात्र ने काटा है, उन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है। सभी छात्र सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ बच्चों और उनके पालकों में डर बना हुआ है। शिक्षकों का मानना है कि यह छात्र की शरारत है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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