सारंगढ़-बिलाईगढ़, 10 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के माध्यम से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुपोषण के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन और पहल पर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य सुधार की जिम्मेदारी संभाली है। अधिकारी चिन्हित आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन और ऊंचाई का नियमित सत्यापन कर रहे हैं तथा गोद लिए गए बच्चों की लगातार निगरानी और फॉलोअप भी किया जा रहा है।
जिले में सर्वाधिक कुपोषित पंचायतों का चिन्हांकन कर वहां विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) तथा रेडक्रॉस जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है, जिससे बच्चों को समय पर बेहतर उपचार और पोषण उपलब्ध कराया जा सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से जून माह में सारंगढ़, कोसीर, बरमकेला और लेन्धरा परियोजना के विभिन्न सेक्टरों में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत कुल 19 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 573 कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद 422 बच्चों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, जबकि गंभीर रूप से कुपोषित 45 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजकर विशेष उपचार और पोषण सुविधा उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का मुख्य उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकालकर उन्हें स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण, बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श, नियमित स्वास्थ्य निगरानी और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन की इस पहल से कुपोषण की दर में कमी लाने और बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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