सारंगढ़। राष्ट्रीय डॉक्टर डे के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सारंगढ़ सेवाकेंद्र द्वारा समाज को स्वस्थ और तनावमुक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेवाकेंद्र परिसर में आयोजित “स्ट्रैस फ्री लाइफ” (तनाव मुक्त जीवन) विषयक इस गरिमामयी समारोह में जिले की कलेक्टर पदमिनी भोई साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं प्रशासनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
समारोह में सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल, बीएमओ डॉ. आर.एल. सिदार, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. साय तथा नायब तहसीलदार पटेल सहित अनेक चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में पत्थलगांव सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी नीलू दीदी एवं रायगढ़, जशपुर, पत्थलगांव, सारंगढ़ और शक्ति क्षेत्र की सह-संचालिका ब्रह्माकुमारी राधिका दीदी ने तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवन के सूत्र साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के पारंपरिक स्वागत के साथ हुआ। सभी चिकित्सकों एवं अतिथियों का गुलदस्ता, तिलक एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इसके बाद कुमारियों ने मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण बना दिया। सारंगढ़ सेवाकेंद्र की बीके कंचन दीदी ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए डॉक्टरों की समाज सेवा के प्रति समर्पण भावना की सराहना की। तत्पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में ब्रह्माकुमारी नीलू दीदी ने चिकित्सकों को समाज सेवा के प्रति और अधिक समर्पित रहने का संकल्प दिलाते हुए तनावमुक्त जीवन जीने के सरल उपाय बताए। वहीं ब्रह्माकुमारी राधिका दीदी ने कहा कि सकारात्मक सोच ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को स्थिर एवं शांत रखा जा सकता है।
डॉ. आर.एल. सिदार ने कहा कि नियमित ध्यान और मेडिटेशन व्यक्ति को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं डॉ. दीपक जायसवाल ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए चिकित्सकों से मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं मधुर व्यवहार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का स्नेहपूर्ण व्यवहार मरीज के आधे तनाव को स्वतः समाप्त कर देता है।
मुख्य अतिथि कलेक्टर पदमिनी भोई साहू ने अपने संबोधन में कहा कि तनावमुक्त जीवन का आधार हमारे अपने विचार और निर्णय हैं। यदि व्यक्ति स्वयं पर नियंत्रण रखना सीख जाए तो वह हर परिस्थिति में संतुलित और प्रसन्न रह सकता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी डॉक्टरों एवं अतिथियों को ईश्वरीय सौगात, स्मृति चिन्ह एवं प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में सभी ने शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। यह आयोजन चिकित्सकों के सम्मान के साथ-साथ समाज को सकारात्मक सोच, राजयोग मेडिटेशन और तनावमुक्त जीवन का प्रेरक संदेश देने में सफल रहा।



