सारंगढ़। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के उन्नत स्वरूप ‘विकसित भारत जी-रामजी’ का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस अवसर का सीधा प्रसारण सारंगढ़ जिला पंचायत सभागार में देखा गया, जहां जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, मनरेगा से जुड़े कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे ने नई योजना की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरी में कोई कटौती नहीं होगी, बल्कि अधिक कार्यदिवस मिलने से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली, बायोमेट्रिक उपस्थिति और साप्ताहिक अपडेट के माध्यम से समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का मुख्य फोकस जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, आजीविका संवर्धन, जलवायु सुरक्षा और स्थायी ग्रामीण विकास पर रहेगा। जरूरत के आधार पर कम विकसित क्षेत्रों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई ने कहा कि जी-रामजी अधिनियम 2025 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेगा। यह योजना सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेंस और सैचुरेशन के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित योजना निर्माण, ग्राम पंचायतों की भागीदारी और ग्रामीण अधोसंरचना के विकास से गांवों में रोजगार, आय और समृद्धि के नए अवसर सृजित होंगे। जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, जनपद पंचायत सारंगढ़, बिलाईगढ़ एवं बरमकेला के सीईओ, मनरेगा अधिकारी, उप अभियंता, जिला सचिव संघ एवं जनपद पंचायत सचिव संघ के पदाधिकारी सहित पत्रकार यशवंत सिंह ठाकुर, भरत अग्रवाल, ओमकार केसरवानी तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




