गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में हुए बहुचर्चित ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी हत्याकांड एवं सनसनीखेज लूट की गुत्थी को मात्र 14 दिनों में सुलझाकर पुलिस ने अपनी दक्षता और पेशेवर कार्यशैली का शानदार परिचय दिया है। इस बड़ी सफलता के पीछे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अविनाश मिश्रा की सूझबूझ, प्रभावी नेतृत्व और रणनीतिक कार्ययोजना की अहम भूमिका रही।
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एएसपी अविनाश मिश्रा द्वारा गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी खुफिया तंत्र (TechINT) और मानवीय सूचना तंत्र (HumINT) का बेहतरीन समन्वय करते हुए अंतरराज्यीय अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। टीम ने बिहार और झारखंड तक फैले अपराधियों की तलाश कर घटना में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
ज्ञात हो कि 26 मई 2026 की शाम कोटमीकला हाट बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनके पास मौजूद सोना-चांदी से भरे बैग को लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने नजदीक से गोली मार दी, जिससे प्रदीप सोनी की मौत हो गई थी। घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी और व्यापारियों में भारी आक्रोश था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी अविनाश मिश्रा ने जांच की कमान संभालते हुए विशेष टीमों का गठन किया। लगातार तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल हुई। जांच में सामने आया कि इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड स्थानीय आरोपी खुशीराम साहू था, जिसने बिहार और झारखंड के पेशेवर शूटरों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिलाया था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी कई दिनों तक कोटमी बाजार में रेकी करते रहे और योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया गया। वारदात के बाद अपराधियों ने पहाड़ियों में छिपकर रात बिताई और बाद में लूट के सामान के डिब्बे एवं अन्य साक्ष्यों को जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। इसके बावजूद एएसपी अविनाश मिश्रा की निगरानी में काम कर रही टीम ने एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया।
विशेष पुलिस टीम ने बिहार के बांका और रजौन तथा झारखंड के गोड्डा में दबिश देकर तीन मुख्य शूटरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में सुजीत कुमार उर्फ राजू पर 9 तथा मनीष मंडल उर्फ राहुल और संतोष कुमार दास पर 5-5 गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 ग्राम सोना, 4 किलो 480 ग्राम चांदी, दो देशी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, वारदात में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार, दो मोटरसाइकिल और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस जटिल और चुनौतीपूर्ण मामले का महज 14 दिनों में खुलासा कर एएसपी अविनाश मिश्रा ने न केवल अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत खुफिया तंत्र और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बड़े से बड़े अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा सकता है। जिलेभर में पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है और व्यापारिक वर्ग ने भी राहत की सांस ली है।

- एएसपी अविनाश मिश्रा की रणनीति का कमाल, 14 दिन में सुलझा ब्लाइंड मर्डर केस… - June 12, 2026
- छत्तीसगढ़:वाशिंग पाउडर की आड़ में चल रहा था नकली गुटखे का खेल, पुलिस ने 12 आरोपियों को दबोचा… - June 12, 2026
- छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेटिंग मामले पर बड़ी कार्रवाई, 4 आबकारी अधिकारी सस्पेंड, 8 को शोकॉज नोटिस जारी… - June 12, 2026

