सारंगढ़। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती के पावन अवसर पर श्रीमती वैजयंती नंदू लहरे ने अपने निवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्श शासन, जनकल्याणकारी कार्यों तथा समाज सेवा के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास की महानतम महिला शासकों में से एक बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती लहरे ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने अपने शासनकाल में न्याय, सुशासन, धार्मिक सहिष्णुता और लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने देशभर में मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं तथा जनसुविधाओं का निर्माण कर समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन महिलाओं के नेतृत्व, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श आज भी सुशासन, पारदर्शिता और जनहितकारी कार्यों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने लोकमाता के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। साथ ही युवाओं को उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा के वातावरण में संपन्न हुआ।


