सारंगढ़। कहते हैं शिक्षक केवल अक्षर ज्ञान नहीं देता, बल्कि वह एक माली की तरह संस्थान को सींचता है। इसकी जीवंत मिसाल पेश करने वाली माध्यमिक शाला सहसपुर की उच्च वर्ग शिक्षिका श्रीमती मणिप्रभा त्रिपाठी 30 वर्षों के यशस्वी शासकीय सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त हुईं। उनके सम्मान में शालेय परिवार, शाला प्रबंधन समिति और समस्त ग्रामवासियों द्वारा एक भव्य एवं भावपूर्ण अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
पलक पाँवड़े बिछाकर किया स्वागत
श्रीमती त्रिपाठी के प्रति सम्मान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदाई के दिन शालेय परिवार उन्हें ससम्मान उनके घर से कार द्वारा विद्यालय प्रांगण लेकर आया। समारोह में प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती विजयलक्ष्मी गोपाल ने भावुक होते हुए कहा, “मैडम ने इस विद्यालय को त्याग और समर्पण से संवारा है। उनके 16 वर्षों के सानिध्य में जो मैंने सीखा, वह जीवन भर काम आएगा। स्कूल का कोना-कोना उनकी कमी महसूस करेगा।”

बंजर जमीन पर खिलाई ‘ज्ञान की वाटिका’

श्रीमती मणिप्रभा त्रिपाठी का कार्यकाल केवल अध्यापन तक सीमित नहीं रहा। साल 2010 में जब वे सहसपुर पदस्थ हुईं, तब विद्यालय परिसर वीरान और बंजर था। उन्होंने अपनी मेहनत से इसे एक सुंदर पुष्प वाटिका और किचन गार्डन में तब्दील कर दिया। स्कूल के भीतर लर्निंग कॉर्नर और आधुनिक सुविधाएं (एक्वागार्ड आदि) जुटाकर उन्होंने विद्यालय की दशा और दिशा बदल दी। उनके इन्हीं प्रयासों से इस स्कूल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली।
समाज के लिए प्रेरणास्रोत-
समारोह में उपस्थित पालक दिलीप टंडन ने कहा कि उनकी बेटियों को त्रिपाठी मैडम ने जो संस्कार दिए, वे आज भी उनके जीवन का आधार हैं। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अमित सारथी ने उन्हें ‘मार्गदर्शक’ बताते हुए कहा कि उनके द्वारा सौंपी गई इस सुंदर धरोहर (स्कूल) को सहेज कर रखना अब हम सबका कर्तव्य है।
एक नजर सफरनामे पर-
प्रारंभ- 25 जुलाई 1995 (प्राथमिक शाला चिखली)। कन्या शाला सारंगढ़ एवं डाइट धरमजयगढ़ में 4-4 वर्ष सेवाएं। NCERT दिल्ली से शिशु शिक्षा में डिप्लोमा। माध्यमिक शाला सहसपुर को ‘आदर्श स्कूल’ के रूप में स्थापित किया।
विदाई के दौरान उपस्थित अभिभावकों और बच्चों की आँखें नम थीं। कार्यक्रम के अंत में समस्त शालेय परिवार और गणमान्य नागरिकों ने उनके स्वस्थ और सुखी दीर्घायु जीवन की कामना की। विदाई समारोह में पार्षद, ग्राम के गणमान्य नागरिक, समस्त शिक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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