सारंगढ़:नारी शक्ति वंदन पर सियासत तेज: भाजपा का विपक्ष पर बड़ा हमला, महिलाओं के हक़ पर ‘धोखा’ का आरोप…
सारंगढ़। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में राजनीतिक माहौल गरमा गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, नजमा अजीम खान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
“महिलाओं के अधिकारों का ‘महायज्ञ’, लेकिन विपक्ष बना बाधा”
नजमा अजीम खान ने कहा कि भारत, जिसे लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, के पास महिलाओं को नीति-निर्धारण में बराबरी का मौका देने का ऐतिहासिक अवसर था।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण का “महायज्ञ” बताया, लेकिन आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस पहल को कमजोर किया।
उनके अनुसार,
विपक्ष ने 30 वर्षों तक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को टालते रखा
आज भी वे तकनीकी बहानों के जरिए इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं
यह सिर्फ सीटों का मुद्दा नहीं, बल्कि “भारतीय घर की इज्जत” का सवाल है
विपक्ष पर सीधा हमला: “महिला विरोधी मानसिकता उजागर”
नजमा ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
विपक्ष ने महिलाओं को संसद और विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व मिलने से रोका
उनके अंदर महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को लेकर अविश्वास है
यह कदम महिलाओं के प्रति “नफरत और तिरस्कार” को दर्शाता है
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए राजीव गांधी का उल्लेख किया और शाह बानो केस का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी महिला अधिकारों से समझौता किया गया था।
साथ ही, नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध को महिलाओं के लिए न्यायपूर्ण कदम बताया।
इतिहास का हवाला: 1996 से 2014 तक का ‘अधूरा सफर’
नजमा अजीम खान ने महिला आरक्षण बिल के लंबे इतिहास को गिनाते हुए बताया कि:
1996 में पहली बार बिल पेश हुआ, लेकिन सरकार गिरने से आगे नहीं बढ़ सका
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 4 बार कोशिश की, लेकिन सहयोगी दलों के विरोध से असफल रहा
2010 में राज्यसभा से पास होने के बावजूद लोकसभा में बिल अटक गया
सोनिया गांधी के नेतृत्व में भी इसे लागू नहीं किया गया
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और RJD जैसे दलों ने भी इस बिल का विरोध कर इसे बार-बार रोका।
“महिलाओं के जीवन में बदलाव का दावा”
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि 2014 से पहले महिलाओं की स्थिति बेहद कठिन थी:
खुले में शौच की मजबूरी
गैस कनेक्शन और पानी की कमी
बैंकिंग और क्रेडिट तक पहुंच नहीं
नजमा ने दावा किया कि मोदी सरकार ने इन समस्याओं को योजनाओं के माध्यम से काफी हद तक दूर किया।
“महिलाएं नहीं करेंगी माफ” – भाजपा का दावा
अंत में नजमा अजीम खान ने कहा कि:
विपक्ष ने महिलाओं की तरक्की को “बड़ा झटका” दिया है
देश की महिलाएं इस व्यवहार को कभी माफ नहीं करेंगी
भाजपा का लक्ष्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण है
प्रेस वार्ता में मौजूद प्रमुख नेता
इस अवसर पर जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष वैजयंती नंदू लहरें, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, शिवकुमारी अनिल साहू, जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, वरिष्ठ नेता भुवन मिश्रा, भरत जाटवर और प्रकाश अग्रवाल सहित कई महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
यह प्रेस वार्ता न केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा की स्पष्ट रणनीति को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत भी देती है।


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