दिन में कितनी बार होती है आरती? ये है खाटू श्याम मंदिर के खुलने और बंद होने का समय…
खाटू श्याम मंदिर की गिनती देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में होती है। आए दिन यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं। बाबा खाटू श्याम को लोग हारे का सहारा कहते हैं।
मान्यता है कि खाटू श्याम अपने हारे हुए भक्तों को सहारा देते हैं। जब भी कोई व्यक्ति अपनी जिंदगी में परेशान होता है या किसी भी बात की निराशा होती है तो माना जाता है कि अगर खाटू श्याम बाबा के दरबार में हाजरी लगाकर अपना दुख बताया जाए तो जरूर मदद मिलती है। लोगों की आस्था है कि जब खाटू श्याम बाबा को सच्चे मन से याद किया जाए तो जिंदगी में आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है। ऐसे में इस मंदिर में लोग दूर से आकर मत्था टेकते हैं। अगर आप इस मंदिर में जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इससे जुड़ी सारी जानकारी यहां लें।
मंदिर में इतनी बार होती है आरती
खाटू श्याम मंदिर की आरती में शामिल होने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। बता दें कि यहां हर रोज कुल पांच बार आरती होती है। खाटू श्याम मंदिर में होने वाली हर आरती का समय अलग है और हर एक का महत्व अलग होता है। .हां पहुंचने वाले लोग किसी भी आरती में शामिल हो सकते हैं क्योंकि हर किसी की भव्यता अलग ही होती है और आरती के दौरान माहौल इतना भक्तिमय होता है कि कोई भी मंत्रमुग्ध हो जाए।
खाटू श्याम मंदिर में आरती का समय
खाटू श्याम मंदिर में सबसे पहले मंगला आरती होती है और इसका समय सुबह 4:30 बजे है। इसे दिन की शुरुआत करने वाली आरती के रूप में देखा जाता है। मंगला के बाद मंदिर में शृंगार आरती की तैयारी शुरू हो जाती है जोकि सुबह 7 बजे होती है। इस आरती में खाटू श्याम बाबा को साफ-सुथरे और सुंदर वस्त्र के साथ-साथ कई आभूषण पहनाए जाते हैं। वहीं इसके बाद तीसरी आरती यानी भोग आरती होती है। इसका समय दोपहर में 12:30 बजे है। इस आरती के दौरान खाटू श्याम बाबा को भोग लगता है। शाम में 7:30 बजे संध्या आरती होती है। मंदिर में दिन की आखिरी आरती रात में 10 बजे होती है जिसे शयन आरती कहा जाता है।
अलग है पांचों आरती का महत्व
खाटू श्याम में होने वाली हर आरती का अलग महत्व होता है। यहां पर होने वाली मंगला आरती को शुभ शुरुआत से जोड़ा जाता है। वहीं शृंगार आरती में बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भोग आरती में प्रसाद अर्पित किया जाता है। संध्या आरती शाम के समय की जाती है और शयन आरती को दिन के अंत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
मंदिर खुलने और बंद होने का समय
खाटू श्याम मंदिर के पट सुबह 4:30 बजे खुल जाते हैं। मिनट पर खुलता है। मंदिर का पट दोपहर में 12:30 बजे कुछ समय के लिए बंद होता है। इसके बाद मंदिर शाम 4 बजे फिर से खुलता है और रात 10 बजे शयन आरती के बाद बंद हो जाता है।
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