बरमकेला क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रही कथित रिश्वतखोरी पर शिकंजा कसते हुए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नरेंद्र जांगड़े को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में उनके सहयोगी संकुल समन्वयक संजय चौहान को भी अभिरक्षा में लिया गया है।

शिकायत से खुला पूरा मामला
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली के शिक्षक निरंजन बरिहा की शिकायत पर की गई। शिक्षक ने बताया कि मार्च माह में तबीयत खराब होने के चलते वे अपने साथी शिक्षक मुकेश सोना के साथ इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज गए थे। डॉक्टर के अनुपलब्ध रहने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा, जिससे वे स्कूल आधा घंटा देर से पहुंचे।
इसी देरी को आधार बनाकर उनकी अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई और खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
वेतन रोककर मांगी गई रिश्वत
शिक्षकों ने नोटिस का जवाब देने के बावजूद उनका मार्च माह का वेतन रोक दिया गया। जब उन्होंने वेतन जारी कराने के लिए बीईओ नरेंद्र जांगड़े से संपर्क किया, तो उन्होंने 5-5 हजार रुपये, कुल 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
निरंजन बरिहा ने इस मांग के आगे झुकने के बजाय साहस दिखाते हुए एसीबी से संपर्क किया और पूरी शिकायत दर्ज कराई।
सुनियोजित ट्रैप और गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी टीम ने योजना बनाकर 17 अप्रैल 2026 को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ बीईओ कार्यालय भेजा गया। जैसे ही नरेंद्र जांगड़े ने 10,000 रुपये लेकर उसे अपने टेबल के दराज में रखा, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पूरी रिश्वत राशि भी बरामद कर ली गई।
कानूनी कार्रवाई शुरू
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शिक्षक समुदाय में राहत और संतोष
इस कार्रवाई के बाद शिक्षक समुदाय में काफी राहत देखी जा रही है। लंबे समय से बीईओ की कथित वसूली को लेकर आक्रोश था और कई शिकायतें भी सामने आ रही थीं।
बरमकेला ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष देवम प्रकाश पटेल सहित अन्य शिक्षकों ने एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और जरूरी पहल बताया है।
एसीबी की अपील
एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि ऐसी सख्त कार्रवाई की जा सके।

