वर्षों से खाली अहम पद: सारंगढ़ नगर पालिका ‘प्रभारी सिस्टम’ पर निर्भर, कामकाज बुरी तरह प्रभावित…

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सारंगढ़। जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका कार्यालय इन दिनों गंभीर प्रशासनिक अव्यवस्था का सामना कर रहा है। यहां लेखापाल, राजस्व निरीक्षक और सफाई दरोगा जैसे अहम पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, जिसके कारण पूरा कामकाज ‘प्रभारी व्यवस्था’ के भरोसे चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में लेखापाल का पद पिछले 10 से 15 वर्षों से खाली है, जबकि राजस्व निरीक्षक और सफाई दरोगा के पद पिछले करीब 3 वर्षों से रिक्त हैं। इतने लंबे समय से स्थायी नियुक्ति न होने के कारण विभागीय कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है।
वर्तमान में इन पदों की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से अन्य कर्मचारियों को दी गई है। बताया जा रहा है कि पहले भी ग्रेड-2 और ग्रेड-3 स्तर के कर्मचारियों को लेखापाल का प्रभार दिया जाता रहा है, जबकि अभी यह जिम्मेदारी सहायक राजस्व निरीक्षक स्तर के कर्मचारी के पास है। अनुभव और अधिकारों के अभाव में इन पदों से जुड़े कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहे हैं।
नगर पालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्थायी नियुक्ति के लिए कई बार नगरीय प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी भी पद पर नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे स्पष्ट है कि समस्या उच्च स्तर पर लंबित है।
इस लचर व्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। वित्तीय कामकाज, राजस्व वसूली और सफाई व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे नगर की व्यवस्था चरमरा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभारी व्यवस्था के भरोसे इतने अहम पदों का संचालन करना न केवल अव्यवस्था को जन्म दे रहा है, बल्कि जवाबदेही भी तय नहीं हो पा रही है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक नगर पालिका ‘अस्थायी जुगाड़’ के सहारे चलेगी?
लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन पदों पर स्थायी नियुक्ति कर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि नगर के विकास कार्यों को गति मिल सके।

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