जनगणना बनी ‘डिजिटल मिशन’: कलेक्टर की सख्ती—गलत जानकारी पर नहीं होगी कोई समझौता…
सारंगढ़। जिले में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने के लिए स्वामी आत्मानंद विद्यालय में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना का कार्य निर्वाचन जितना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षण में दिए सख्त निर्देश:
हर जानकारी हो सटीक और सत्य
कलेक्टर ने प्रशिक्षण कक्षों का अवलोकन करते हुए कहा—
किसी भी व्यक्ति के भय, लोभ या दया के कारण गलत जानकारी दर्ज न करें
इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी
घर-घर सर्वे के दौरान प्रगणकों के पास नियुक्ति आदेश और पहचान पत्र अनिवार्य होना चाहिए
लोगों से शालीन और सम्मानजनक व्यवहार रखें
विवाद या जानकारी देने से इनकार की स्थिति में तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करें
मकान सूचीकरण से शुरू होगा कार्य, डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
जनगणना के तहत जिले में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इस बार प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को अपनाया गया है।
पहली बार ‘स्व-गणना पोर्टल’ से खुद भर सकेंगे डेटा
इस जनगणना की सबसे खास बात यह है कि—
नागरिक अब स्वयं अपना डेटा
ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे
इसके लिए सरकार द्वारा अधिकृत पोर्टल निर्धारित किया गया है:
https://se.census.gov.in/
नागरिक स्वयं जानकारी भरेंगे
प्रगणक स्वगणना आईडी का सत्यापन करेंगे
दर्ज जानकारी की समीक्षा भी की जाएगी
सटीक जनगणना से तय होगा विकास का भविष्य
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों का आधार बनते हैं। इसलिए हर प्रगणक की जिम्मेदारी है कि वह इस कार्य को पूरी ईमानदारी और सावधानी से संपन्न करे।
सारंगढ़ में जनगणना को लेकर प्रशासन की यह सक्रियता बताती है कि इस बार प्रक्रिया पारदर्शी, डिजिटल और पूरी तरह विश्वसनीय होगी।
