संघ शताब्दी वर्ष का जोश: सारंगढ़ में गूंजा राष्ट्रनिर्माण का संदेश, जनगोष्ठी में उमड़ा उत्साह…
सारंगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला सारंगढ़ द्वारा पुष्प वाटिका में एक गरिमामयी प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, गणमान्य नागरिकों और प्रमुख जनों की उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता नारायण नामदेव का ओजस्वी उद्बोधन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा—
“संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की निरंतर साधना है।”
शताब्दी वर्ष को उन्होंने संकल्प वर्ष बताते हुए कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक को समाज के हर वर्ग से जुड़कर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए कार्य करना चाहिए।
पर्यावरण, समरसता और संस्कार पर विशेष जोर
नारायण नामदेव जी ने अपने संबोधन में—
पर्यावरण संरक्षण
सामाजिक समरसता
कुटुंब प्रबोधन
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष बल देते हुए समाज को जागरूक होने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि गुरुमाता सेतबाई रामनामी का सम्मान
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गुरुमाता सेतबाई रामनामी जी (अध्यक्ष, रामनामी समाज छत्तीसगढ़ केंद्र चंदलीडीह) रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में समाज और संस्कृति के संरक्षण में संघ के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर जिला संघचालक डॉ. एफ.आर. निराला ने गुरुमाता सेतबाई रामनामी जी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा पूरा आयोजन
कार्यक्रम का संचालन विधिवत रूप से किया गया और अंत में “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा।
गोष्ठी के पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
एकता और संकल्प का संदेश
यह आयोजन न केवल संघ की शताब्दी वर्ष की झलक प्रस्तुत करता है, बल्कि समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा भी देता है।
सारंगढ़ की यह जनगोष्ठी देशभक्ति, संस्कार और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई।

