सारंगढ़-बिलाईगढ़।
बिलाईगढ़ विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायत मड़कड़ी में राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित क्लस्टर शिविर ने प्रशासन की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई का शानदार उदाहरण पेश किया। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में अधिकारियों ने गांव-गांव पहुंचकर न केवल समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों का भरोसा भी जीता।
शिविर का संचालन एसडीएम प्रफुल रजक की उपस्थिति में किया गया, जहां राजस्व विभाग की पूरी टीम मुस्तैदी के साथ मौजूद रही। इस दौरान एक बड़ी कार्रवाई तब देखने को मिली जब ग्राम पंचायत मड़कड़ी के सरपंच नंदू पटेल ने स्कूल परिसर से लगी करीब आधा एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई।

तुरंत एक्शन, मौके पर कब्जा हटाया गया

शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में पटवारी द्वारा जमीन का नक्शा सत्यापन किया गया और जेसीबी मशीन के जरिए मौके पर ही अतिक्रमण हटा दिया गया। सरकारी जमीन को मुक्त कराए जाने से ग्रामीणों में खुशी और संतोष का माहौल बन गया।
22 गांवों को मिला सीधा लाभ, 21 से अधिक मामलों का समाधान
इस शिविर में कुल 22 गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां 21 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें जाति सुधार, बी-1 खसरा दुरुस्ती, ऋण पुस्तिका गुम होना, नामांतरण, बंटवारा, रकबा त्रुटि सुधार और खाता विभाजन जैसे मामलों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया गया।
गलत जाति दर्ज, मिनटों में सुधार
ग्राम सोनाडुला निवासी रोहित केवट ने बताया कि उनके बी-1 रिकॉर्ड में ‘केवट’ की जगह ‘तेली’ दर्ज था। तहसीलदार ने तत्काल सुधार कर उनकी समस्या का समाधान किया। उन्होंने कहा कि अब ऐसे शिविरों से लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
गुम ऋण पुस्तिका भी मौके पर मिली
ठाकुरडीहा निवासी रोहित कुमार की ऋण पुस्तिका गुम हो गई थी, जिसे शिविर में तुरंत नई पर्ची जारी कर हल किया गया। वहीं शिवसहाय कर्ष ने भी जमीन संबंधी त्रुटि सुधार पर संतोष जताया।
हर सेवा एक ही जगह — ग्रामीणों को बड़ी राहत
शिविर में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, आधार मोबाइल नंबर सीडिंग, सीमांकन, नामांतरण और रिकॉर्ड दुरुस्ती जैसी विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।
इस दौरान तहसीलदार कमलेश सिदार, नायब तहसीलदार देवराज सिदार, राजस्व निरीक्षक, 6 हल्का के पटवारी सहित राजस्व विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
मड़कड़ी में आयोजित यह क्लस्टर शिविर प्रशासन की “मौके पर समाधान” नीति का जीवंत उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों को त्वरित न्याय और सुविधाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को क्षेत्र में जमकर सराहना मिल रही है।

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