छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की दर्दनाक मौत के बाद वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद अब प्रदेश स्तर पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब वन्यजीव क्षेत्रों में रहने वाले कुत्तों की पहचान के लिए उनके गले में विशेष रंग के पट्टे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य इन कुत्तों की पहचान करना और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आवारा कुत्तों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश
साथ ही, प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए कुत्तों पर नियंत्रण करने को कहा गया है।
बाघ अभयारण्यों में आवारा और जंगली कुत्ते (View)
इनको दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
इस संबंध में राज्य के सभी टाइगर रिजर्व के उप निदेशकों, क्षेत्र संचालकों और वन अमले को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, एनटीसीए की मानक कार्यप्रणाली (SOP) के तहत अगले दो सप्ताह के भीतर सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए। वन विभाग के इस फैसले को वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
- नियमितीकरण की मांग पर गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं, सौंपा ज्ञापन… - October 27, 2026
- अवैध खनिज परिवहन पर प्रशासन का शिकंजा, 5 वाहन पकड़े… - October 27, 2026
- बैकयार्ड कुक्कुट योजना से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय, 150 इकाइयों का वितरण… - October 27, 2026
