संघर्ष, सेवा और सामाजिक जागरण की प्रतीक थीं मिनी माता: परसाडीह में प्रतिमा अनावरण व सम्मान समारोह आयोजित…
सारंगढ़–बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका मिनी माता का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक जागरण की प्रेरणादायी गाथा रहा है। 13 मार्च 1913 को असम प्रदेश के एक श्रमिक परिवार में जन्मी मिनीबाई ने आगे चलकर समाज सुधार और दलित उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
सन 1929–1930 के दौरान उनका विवाह छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध संत और समाज सुधारक गुरु अगमदास से हुआ। विवाह के बाद उनका छत्तीसगढ़ आगमन हुआ और उन्होंने समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी शुरू की। 1930 से 1940 के दशक में उन्होंने गुरु अगमदास के साथ मिलकर सतनामी समाज में सामाजिक जागरण और सुधार के कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
देश की स्वतंत्रता के बाद 1947 में राष्ट्रीय चेतना के साथ उन्होंने सामाजिक जागरण के कार्यों को और गति दी। 1951 में गुरु अगमदास के निधन के बाद सतनामी समाज ने मिनी माता को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई।
1952 में स्वतंत्र भारत के प्रथम आम चुनाव में जांजगीर लोगसभा से सांसद निर्वाचित होकर वे देश की प्रथम लोकसभा की सदस्य बनीं। इसके बाद 1957 और 1962 में भी वे पुनः लोकसभा के लिए निर्वाचित हुईं। संसद में उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा और दलित उत्थान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया।
1960 के दशक में उन्होंने नशामुक्ति, बाल विवाह निषेध, महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया। वर्ष 1967 में वे चौथी बार लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुईं और ग्रामीण विकास तथा दलित उत्थान के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाती रहीं। 1971 तक वे संसद और समाज दोनों स्तरों पर सामाजिक सुधार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय रहीं।
11 अगस्त 1972 को एक विमान दुर्घटना में उनका असामयिक निधन हो गया, जिससे छत्तीसगढ़ और देश ने एक महान समाजसेविका और जननेता को खो दिया।
मिनी माता का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज में नैतिकता, शिक्षा और समानता की चेतना फैलाने का कार्य किया। आज भी 13 मार्च को उनकी जयंती के अवसर पर लोग उनके आदर्शों को याद कर समाज सेवा के लिए प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
इसी क्रम में 13 मार्च 2026 को ग्राम परसाडीह में मिनी माता की प्रतिमा का अनावरण किया गया तथा जिला स्तरीय नारी सशक्तिकरण एवं पत्रकार सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नारी सशक्तिकरण, सामाजिक, धार्मिक, साहित्य, समाज सेवा, पत्रकारिता, शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
— डॉ. गौतमसिंह पटेल, सालर (सारंगढ़)
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