ऐसा कलेक्टर पहली बार: ग्राम सांकरा की रात्रि चौपाल में कलेक्टर ने सुनी जनसमस्याएं…प्रशासन अब दफ्तरों की चारदीवारी से बाहर निकलकर जनता के बीच पहुँचेगा- डॉ संजय कन्नौजे..बोले ग्रामीण – “नहीं देखे थे ऐसे अधिकारी”
सारंगढ़ /सांकरा। कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने जिले के सुदूर और अंतिम छोर तक शासन की योजनाओं को जमीनी हकीकत से जोड़ने का जो संकल्प लिया है, वह अब धरातल पर नजर आने लगा है। कलेक्टर संजय कन्नौजे ने ग्राम सांकरा में आयोजित रात्रिकालीन जन चौपाल में स्वयं उपस्थित होकर यह संदेश दिया कि प्रशासन अब दफ्तरों की चारदीवारी से बाहर निकलकर जनता के बीच पहुँचेगा।
रात तक चली चौपाल में पूरा जिला प्रशासन मौजूद रहा। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। लोगों का कहना था कि पहली बार किसी कलेक्टर ने गांव में रुककर उनकी पीड़ा सुनी और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
“काम पूरा और संतुष्टि के बाद ही भुगतान” – ठेकेदारों को सख्त चेतावनी-
जल जीवन मिशन के तहत रामपुर और सांकरा में नल-जल योजना के बावजूद पानी नहीं मिलने की शिकायत पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा —
“जब तक कार्य पूर्ण नहीं होगा और ग्रामीण संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक ठेकेदारों को भुगतान नहीं किया जाएगा।”
उनके इस सख्त तेवर से ग्रामीणों में भरोसा जगा कि अब अधूरे काम और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
शिक्षा व्यवस्था पर सख्ती, बच्चे के सपने ने छुआ दिल-
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि शिक्षक समय से पहले स्कूल छोड़ देते हैं। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी बीच 5वीं कक्षा के छात्र रोहन पातर से बातचीत के दौरान भावुक पल देखने को मिला। जब रोहन ने कहा कि वह बड़ा होकर कलेक्टर बनकर जिले की सेवा करना चाहता है, तो पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। कलेक्टर ने उसे मन लगाकर पढ़ाई करने और बड़ा लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी।
चौपाल की प्रमुख उपलब्धियां-
आंगनबाड़ी भवन
सन् 1985 से जर्जर भवन में संचालित आंगनबाड़ी के स्थान पर नए भवन की मांग को स्वीकृति दी गई। तब तक वैकल्पिक रूप से स्कूल भवन में संचालन के निर्देश दिए गए।
पीएम आवास योजना-
45 अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के हवाले से आश्वस्त किया गया कि फंड की कोई कमी नहीं है और पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार अवश्य मिलेगा।
स्वास्थ्य व कल्याण-
मानसिक दिव्यांग बालिका मीनाक्षी को ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराने हेतु नाम दर्ज किया गया। साथ ही फाइलेरिया की दवा सेवन और आयुष्मान कार्ड के लाभों की जानकारी दी गई।
बिजली समस्या-
माननीय विधायक एवं वित्त मंत्री के प्रयासों से प्रस्तावित 132 केवी सब-स्टेशन के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया।
क़ृषि विभाग से जनता की संतुष्टि: जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा संतोष व्यक्त किया। जहाँ अन्य विभागों को सुधार के निर्देश मिले, वहीं कृषि विभाग की प्रशंसा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की योजनाएं कागजों के बजाय खेतों तक पहुँच रही हैं, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
कलेक्टर संजय कन्नौजे ने स्पष्ट कहा —
“प्रशासन का उद्देश्य केवल दफ्तर चलाना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। खराब चावल लौटाना निगरानी समिति का अधिकार है और आवास का पैसा सीधे हितग्राही का हक है।”

प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास-
रात्रि चौपाल के बाद ग्रामीणों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार देखा कि पूरा प्रशासन रात में गांव में रुककर उनकी समस्याएं सुन रहा है।
ग्रामवासियों का एक ही स्वर था —
“ऐसे कलेक्टर पहली बार देखे, जो सचमुच जनता के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।”

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