अगर आप भी चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक हर जगह UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। 1 मार्च 2026 से डिजिटल पेमेंट की दुनिया में कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब आपके पेमेंट करने के तरीके से लेकर बैलेंस चेक करने तक की लिमिट में बदलाव किया गया है। इन नियमों का सीधा उद्देश्य ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाना और बैंकिंग सिस्टम पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
बैलेंस चेक करने की भी होगी सीमा
अब तक हम दिन में कितनी भी बार अपना बैंक बैलेंस चेक कर लेते थे, लेकिन 1 मार्च से इस पर लगाम लग जाएगी। नए नियमों के अनुसार, एक यूजर एक ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm) के जरिए दिन भर में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक कर सकेगा। इसके पीछे तर्क यह है कि बार-बार बैलेंस चेक करने से बैंकों के सर्वर (API) पर बोझ बढ़ता है, जिससे ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या आती है।
ट्रांजैक्शन लिमिट और नए सिक्योरिटी बदलाव
सामान्य यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए डेली लिमिट 1 लाख रुपये ही बनी रहेगी, लेकिन अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और आईपीओ (IPO) जैसे खास कामों के लिए इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक किया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए गए हैं। अब नए बैंक अकाउंट जोड़ने पर पहले 24 घंटों में आप केवल 5,000 रुपये तक ही भेज सकेंगे। वहीं, 1 अप्रैल 2026 से टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) भी अनिवार्य हो सकता है, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?
आम यूजर्स के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि बैंक-टू-बैंक ट्रांजैक्शन अभी भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, 2,000 रुपये से अधिक के वॉलेट आधारित मर्चेंट पेमेंट पर इंटरचेंज फीस का नियम लागू रहेगा, जिसका बोझ दुकानदारों पर पड़ेगा, न कि ग्राहकों पर। इसके अलावा, अगर आपने पिछले 12 महीनों से अपनी UPI ID का इस्तेमाल नहीं किया है, तो वह डिएक्टिवेट हो सकती है। इसलिए, अपनी डिजिटल मनी को सुरक्षित रखने के लिए आज ही अपना स्टेटस चेक कर लें।
- रवि प्रदोष व्रत आज, जान लें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि… - July 26, 2026
- युवाओं में बढ़ता ब्रेन फॉग: जानें इसके कारण और समाधान… - July 26, 2026
- मलाई चाप बनाने की सरल विधि… - July 26, 2026




