मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बादल गरजने और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।वहीं 9 अक्टूबर से उत्तर छत्तीसगढ़ में वर्षा और गरज-चमक की स्थिति में कमी आने के आसार हैं।

फिलहाल प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, मनेन्द्रगढ़ और जशपुर जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में आकाशीय बिजली के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई स्थानों और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा 6 सेमी नारायणपुर और फरसगांव में दर्ज की गई। इसके अलावा हरदीबाजार में 5 सेमी, मुंगेली, धनोरा और रायपुर एयरपोर्ट में 4 सेमी वर्षा हुई। वहीं रायपुर शहर, अमलीपदर, नगरी और राजिम में 3 सेमी तक वर्षा हुई। दुर्ग में सबसे ज्यादा तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा 20°N/69°E से होते हुए झांसी और शाहजहांपुर तक पहुंच चुकी है। वहीं पूर्वोत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।जिसका प्रभाव छत्तीसगढ़ में बना हुआ है।
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