रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अमृतलाल रोहलेडर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लगाए गए अभद्र व्यवहार, अमर्यादित टिप्पणियों और अनुचित स्पर्श जैसे गंभीर आरोपों की जांच के बाद की गई है।

शिकायत मिलने के बाद विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराई। जांच के दौरान पीड़ित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। जांच प्रतिवेदन में डॉ. रोहलेडर के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके आधार पर जांच अधिकारी ने उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी, जिसके बाद शासन ने यह बड़ा कदम उठाया।
सरकार की दो टूक: मर्यादा से समझौता नहीं
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों को संवेदनशील और मर्यादित आचरण बनाए रखना चाहिए, और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
निलंबन के दौरान तय किए गए कड़े नियम
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत यह निलंबन कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. रोहलेडर का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, जगदलपुर संभाग (बस्तर) निर्धारित किया गया है। वे सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे, और इस अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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