छत्तीसगढ़ के किस जिले में सबसे ज्यादा फर्जी राशन कार्ड, आंकड़ा देखकर आंखों पर नहीं होगा यकीन..

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छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. जांच में खुलासा हुआ है कि हजारों लोगों ने डुप्लीकेट आधार कार्ड, मृत व्यक्तियों के नाम और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर राशन कार्ड में सदस्य जोड़ रखे थे.

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत हुई जांच में अब तक 1 लाख 93 हजार से ज्यादा फर्जी सदस्यों के नाम काटे जा चुके हैं, जबकि 46 लाख से ज्यादा सदस्य संदिग्ध सूची में है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि छत्तीसगढ़ के किस जिले में सबसे ज्यादा फर्जी राशन कार्ड बने हुए हैं.

राजधानी में सबसे ज्यादा फर्जी राशन कार्ड सदस्य

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत हुई जांच में सामने आया है कि‍ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर फर्जी राशन कार्ड में सबसे आगे हैं. रायपुर में 19,574 फर्जी सदस्य पाए गए हैं. वहीं रायपुर के बाद दूसरे नंबर पर दुर्ग है, जहां 18,112 नाम राशन कार्ड में नाम गलत पाए गए हैं. इसके बाद जांजगीर-चंपा है, जहां 17,529 फर्जी सदस्य पाए गए हैं. वहीं राजनांदगांव में 17,327 और कोरबा में 16,064 राशन कार्ड में गड़बड़ियां मिली है. इसके अलावा सरगुजा में 15,612, बलौदाबाजार में 13,833, महासमुंद में 13,308, धमतरी में 10,937 और कवर्धा में 9,987 फर्जी राशन कार्ड धारक पाए गए है. ‌

ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा

दरअसल, खाद्य विभाग ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन अभियान शुरू किया है. जिन परिवारों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ था, खासतौर पर उनका सत्यापन कराया गया था. ज‍िसके बाद इनमें कई ऐसे मामले सामने आए, जहां मृत व्यक्तियों के नाम डुप्लीकेट आधार कार्ड या नकली दस्तावेजों के जरिए राशन कार्ड में सदस्य जोड़े गए थे. इसके अलावा इस फर्जीवाड़े में कुछ ऐसे भी लोग मिले जो राज्य छोड़कर दूसरे राज्यों में बस गए हैं, लेकिन उनके नाम से अब भी राशन उठाया जा रहा था. वहीं खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभी करीब 53,000 संदिग्ध सदस्यों की जांच बाकी है. इनमें मृतक, पलायन कर चुके लोग और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े सदस्य शामिल है. जांच पूरी हो जाने के बाद उनके भी नाम राशन कार्ड से हटा दिए जाएंगे.

अब आय और जमीन के आधार पर होगी छंटनी

छत्तीसगढ़ में फर्जी राशन कार्ड को लेकर अब विभाग उन परिवारों के नाम भी काटने जा रहा है, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से ज्यादा है. वहीं जो इनकम टैक्स देते हैं या जिनके पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है. छत्तीसगढ़ के खाद्य नियंत्रक विभाग के अनुसार रायपुर में पहले ही 19,000 से ज्यादा फर्जी सदस्य हटाए जा चुके हैं, जबकि 9,000 से ज्यादा नामों की जांच अंतिम चरण में है. इसके बाद बाकी जिलों में भी अपात्र परिवारों की छंटनी की जाएगी. वहीं इस जांच को लेकर सरकार का कहना है कि इस अभियान का मकसद सस्ता राशन सिर्फ असली गरीब परिवारों को ही द‍िलवाना है.