देश में इन दिनों हैंड-फुट-माउथ डिजीज (HFMD) के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। यह एक वायरल संक्रमण है, जो खासतौर पर बच्चों में देखा जाता है, लेकिन हाल ही में कुछ युवा और वयस्कों में भी इसके मामले सामने आए हैं।

यह बीमारी तेजी से फैलती है और अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो स्कूलों, डे-केयर सेंटर्स और घरों में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
क्या है हैंड-फुट-माउथ डिजीज?
हैंड-फुट-माउथ डिजीज एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो कॉक्सैकी वायरस के कारण होती है। यह आमतौर पर छोटे बच्चों में होती है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। इसका नाम इसके लक्षणों से जुड़ा है, क्योंकि यह बीमारी मुख्यतः हाथों, पैरों और मुंह में घाव या चकत्तों के रूप में नजर आती है।
लक्षण क्या हैं?
HFMD के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 3-5 दिन बाद दिखाई देते हैं। इनमें शामिल हैं:
बुखार और गले में खराश
मुंह के अंदर छाले या घाव
हथेलियों और पैरों के तलवों पर लाल चकत्ते या फुंसियां
भूख न लगना और चिड़चिड़ापन
थकान और शरीर में दर्द
कुछ मामलों में गांठ या सूजन
इन लक्षणों के कारण बच्चे दूध पीने या खाना खाने में असहजता महसूस कर सकते हैं।
कैसे फैलता है यह संक्रमण?
यह बीमारी मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के:
लार,
छींक,
नाक के स्राव,
मल या
संक्रमित सतहों के संपर्क से फैलती है।
छोटे बच्चों में बार-बार चीजों को मुंह में डालने की आदत से यह तेजी से फैलता है।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
मौसम में बदलाव – मानसून और उमस भरे मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं।
स्कूलों का खुलना – स्कूलों और डे-केयर में बच्चों का एक-दूसरे के संपर्क में आना।
साफ-सफाई की कमी – हाथ न धोना या सैनिटाइजेशन की अनदेखी भी बड़ा कारण है।
इम्यूनिटी में कमी – कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चे और बुजुर्ग जल्दी संक्रमित हो सकते हैं।
बचाव के उपाय क्या हैं?
हाथों की साफ-सफाई: बच्चों और बड़ों को बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत डालें।
बीमार व्यक्ति से दूरी: संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट रखें।
साफ बर्तन और तौलिया: अलग बर्तन, कपड़े और तौलिया इस्तेमाल करें।
स्कूल न भेजें: लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बच्चों को स्कूल न भेजें।
खिलाने में सावधानी: मुंह के घावों के कारण खाने में तकलीफ हो सकती है, ऐसे में हल्का, ठंडा और मुलायम खाना दें।
इलाज क्या है?
HFMD का कोई विशेष इलाज नहीं है। यह आमतौर पर 7-10 दिन में अपने आप ठीक हो जाती है। लक्षणों को कम करने के लिए बुखार और दर्द की दवाएं दी जाती हैं। मुंह के घावों के लिए डॉक्टर की सलाह से जेल या लिक्विड दी जा सकती है।
निष्कर्ष:
हैंड-फुट-माउथ डिजीज भले ही एक सामान्य वायरल संक्रमण हो, लेकिन इसकी तेज़ी से फैलने की प्रवृत्ति इसे खतरनाक बना देती है। सही जानकारी, स्वच्छता और सतर्कता से इसे रोका जा सकता है। अभिभावकों और स्कूलों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि यह बीमारी एक से दूसरे तक न फैले।
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