प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अब उपस्थिति के साथ ‘चखने’ का भी रजिस्टर होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संदर्भ में आदेश जारी किया गया है। स्कूली छात्रों तथा छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को भोजन परोसे जाने के पूर्व शिक्षक और वार्डन अनिवार्य रूप से इसे चखेंगे।च खने का एक रजिस्टर भी बनाया जाएगा।

शिक्षक और रसोइए द्वारा इसमें हस्ताक्षर किए जाएंगे तथा रजिस्टर में इस बात का जिक्र रहेगा कि किन तिथियों पर किसके द्वारा भोजन चखा गया है।

शासन के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें शालेय छात्रों के मध्यान्ह भोजन पकाने एवं परोसने में असावधानियां बरती गई हैं। इससे छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता था। इस संबंध में जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में सावधानी तथा सुरक्षा बरतने निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के परिपालन में ही छग शासन द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। स्कूल, छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्य सुरक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। मिड डे मिल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य अथवा वार्डन की व्यक्तिगत जवाबदेही तय होगी।
होगी मॉक ड्रिल
सभी विद्यालयों और छात्रावासों में प्राथमिक चिकित्सा किट और बुनियादी विषहर औषधियां उपलब्ध कराई जाएंगी। आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गठजोड़ किया जाएगा। स्कूलों में मॉक ड्रिल भी किया जाएगा। खाद्य विषाक्तता की स्थिति से निपटने की तैयारी इसके माध्यम से कराई जाएगी।
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