छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां के सीतापुर थाना अंतर्गत आने वाले पेटला गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है.

खेत में एक जिंदा नवजात शिशु (New Born Buried) मिला. नवजात को किसी ने दफन करने की कोशिश की थी, लेकिन ग्रामीणों की मदद से उसकी जान बचा ली गई. डॉक्टरों की मानें, तो बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं और फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं.

सुबह खेत जाने पर मिली जानकारी
शनिवार, 28 दिसंबर की सुबह तकरीबन 4 बजे के आसपास जब कुछ ग्रामीण खेत में बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी, तब वे पहले डर गए. अंधेरा और कड़ाके की ठंड के कारण कुछ देर बाद जब ग्रामीणों ने इसका पता लगाने खेत में इधर-उधर देखा, तो जिस स्थान से बच्चे की रोने की आवाज आ रही थी, वहां सिर्फ मिट्टी का छोटा सा टीला बना हुआ था.
मिट्टी के टीले में दबा मिला बच्चा
ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा, तो उनकी आंखें फटी की फटी रहा गई. मिट्टी के टीले में एक नवजात को जिंदा दफन कर दिया गया था. केवल उसका चेहरा मिट्टी से नहीं ढाका गया था. जिसके कारण बच्चा कड़कड़ाती सर्दी में रो रहा था. ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए उस बच्चे को तुरंत समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया.
खतरे से बाहर शिशु-डॉक्टर
मामले में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. एम. निकुंज ने बताया कि बच्चे को स्थानीय लोगों ने लावारिस हालत में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया. बच्चे की स्थिति अब सामान्य है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है. फिलहाल बच्चा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर की निगरानी में है.
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