“पूर्णतः आधारहीन है युक्तियुक्तकरण का निर्देश” रमन सरकार के तर्ज पर शिक्षकों के शोषण का षड्यंत्र – लैलून भारद्वाज
सारंगढ़ । वर्तमान में छग शासन स्कूल विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों को लेकर युक्तियुक्तकरण हेतु जो निर्देश जारी किए गए हैं । इस पर लैलून कुमार भारद्वाज प्रदेश अध्यक्ष छग क्रांतिकारी शिक्षक संघ ने प्रेस को बताया कि – छ ग शासन डीपीआई ने युक्तती युक्त करण का जो आदेश की है ।पूर्णतः आधारहीन है साथ ही तत्कालीन रमन सरकार ने 15 साल शिक्षको का शोषण किया उसी के तर्ज पर साय सरकार अतिशेष यूक्ति उक्त करण के नाम पर शिक्षको को परेशान करने बिना राजपत्र में प्रकाशन किए अतिशेष स्कूल समायोजन बंद करने का तुगलकी फरमान जारी किया है , जिसका छग क्रांतिकारी शिक्षक संघ विरोध करता है । प्राथमिक कक्षाएं ही शिक्षा का रीढ़ है , इस जारी सेटअप से प्राथमिक शिक्षा को ही कमजोर किया जा रहा है जो न्यायोचित नही है । 60 दर्ज संख्या वाले पांच कक्षाओं को 2 शिक्षक (एक प्रधानपाठक एवं एक सहायक शिक्षक ) कैसे संभालेंगे ये प्रश्न का विषय है जबकि – शासन के विभिन्न योजनाओं का भी क्रियान्वयन भी इन्ही शिक्षकों को करना होगा। एक तरफ सरकार शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने का प्रयास कर रही है ठीक उसके विपरीत शिक्षकों की संख्या में कटौती करना उचित नहीं होगा।
नई शिक्षा नीति 2020 (5+3+3+4) छग सरकार लागू करने का निर्णय ले चुकी है ,जिसमे प्राथमिक शिक्षा में प्री प्रायमरी के 3 कक्षाओं को और जोड़ा जा रहा है देखा जाए तो कुल 8 कक्षाओं को इन दो शिक्षकों को पढ़ाना होगा जो असंभव है । छग क्रांतिकारी शिक्षक के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रा.शा एवं पूर्वथौफ्र मा. शाला में प्रधानपाठक संग न्यूनतम 5 शिक्षक 150 अधिक दर्ज संख्या पर अति रिक्त शिक्षक की तैनाती से एवं हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्राचार्य सहित प्रति 30 दर्ज पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदस्थापना करने की मांग की है जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार हो सके। इस संबंध में संघ शीघ्र ही मुख्य मंत्री से मिल विरोध जतायेगा एवं नीतिगत निर्णय लेने के लिए अनुरोध करेगा। उसके बाद भी शासन यदि जबरन युक्तियुक्तकरण करती है तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
