ग्राम पंचायत कार्यालय में हमेशा लटका रहता है ताला..

पंचायत सचिव कार्य दिवस के दिन भी रहते है नदारद…
ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के तमाम किस्से कोई नई बात नहीं है,जहां ग्राम विकास के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की योजनाओं के माध्यम से गांव के बदहाली की तस्वीर बदलने और ग्रामवासियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास करती हैं, मगर सवाल यह उठता है कि क्या सच में शासन प्रशासन का गांव के विकास पर ध्यान देती है? यदि हां तो आज भी क्यों ऐसे सैंकड़ों गांव हैं जहां के जनता प्रतिनिधि एवं ग्राम सचिव की लापरवाही से ग्राम वासियों में उदासीनता छाई रहती है, सचिवालय का चक्कर लगाते गांव के ग्रामीणों में कहीं नाराज़गी तो,कहीं उदासीनता देखी जा सकती है,मगर इससे ना तो पंचायत के सरपंच को कोई लेना देना रहता है ना ही सचिव को।
ग्रामीणों के शिकायत के अनुसार सक्ती जिले के जैजैपुर क्षेत्र में भी कुछ ऐसा ही हाल जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत केकराभाठ का है। जहां अक्सर देखा जाता है कि पंचायत भवन में ताला लटकते रहता है ऐसे ही क्षेत्र में कई पंचायत है जैसे हरेठी कला, बोइरडीह,सहित दर्जनों पंचायत है इसका मुख्य कारण इन पर इनके विभाग के अधिकारियों का आशीर्वाद प्राप्त जो है तभी तो इन सचिवों को जनपद मुख्यालय के सामने चाय के ठेलो में गपियाते देखा जा सकता है।

