बड़े बड़े दावे के बावजूद छत्तीसगढ़ में 11 लोकसभा सीटों में से 10 पर हारने वाली कांग्रेस की समीक्षा करेगी केंद्रीय टीम…
रायपुर। विधानसभा-लोकसभा में कांग्रेस की हार की वजह तलाशने कांग्रेस की केंद्रीय टीम शुक्रवार से छत्तीसगढ़ आ रही है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली बंगलुरु से सीधे रायपुर पहुंचेंगे। पांच दिवसीय दौरे के दौरान वे प्रदेश के अलग-अलग संभागों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे। इससे पहले पहले दिन 28 जून को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक लेंगे।
कांग्रेस ने चुनावी हार की समीक्षा करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। प्रदेश की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में वीरप्पा मोइली को शामिल किया गया है, जो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिली हार का समीक्षा करेंगे। कमेटी के सदस्य एक जुलाई तक बैठक करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा भी बैठक में होगी।
लोकसभा में 10 सीट, विधानसभा में 36 हार
प्रदेश में 11 लोकसभा सीटों में से 10 पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। 2019 के मुकाबले पार्टी को एक सीट का नुकसान हुआ,व हीं विधानसभा सीटों की स्थिति पर गौर करें तो यहां 90 में से कांग्रेस को सिर्फ 36 सीट ही मिल पाई। यह स्थिति तब हुई है जब प्रदेश में 2018 से 2023 तक कांग्रेस की सरकार रही।
इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कई दिग्गजों को मैदान में उतारा था। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व गृह मंत्री और पूर्व कैबिनेट मंत्री शामिल थे। इसके बावजूद कांग्रेस एक मात्र अपनी कोरबा सीट ही बचा पाई। 2019 की जीत वाली बस्तर सीट उसके हाथ से निकल गई। समीक्षा बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा होगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली का दौरा
पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली 28 जून को दोपहर 1.30 बजे राजीव भवन रायपुर में बैठक लेंगे। 29 जून को वेे बिलासपुर कांग्रेस भवन में बैठक लेंगे। 30 जून को बिलासपुर से कांकेर के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर राजीव भवन कांकेर में बैठक लेंगे। शाम को वे कांकेर से रायपुर के लिए रवाना होंगे। एक जुलाई को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन रायपुर में बैठक लेंगे।
