केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनूठी पहल की है। भारत सरकार अब धर्म के नाम पर बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सताए जा रहे लोगों को नागरिकता देगी। इसके लिए भारत सरकार की ओर से एक वेब पोर्टल भी लॉन्च कर दिया गया है।
इस पोर्टल में छह अल्पसंख्यक समुदाय हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को शामिल किया गया है। इसके लिए सरकार की ओर से ये वेबसाइट indianctizenshiponline.nic.in पोर्टल लॉन्च किया है।

ये पहल गृह मंत्रालय की ओर से सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019 (CAA 2019) के नियमों की अधिसूचना के बाद जारी की गई है। सीएए नियम उन नागरिकों के लिए बनाया गया है जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 से पहले भारतीय नागरिकता के लिए शरण मांगी थी। ये अब नागरिका संशोशन अधिनियम 2024 के नाम से जाना जाता है।
6 अल्प संख्यक समुदायों को मिलेगी भारतीय नागरिकता
नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार, 11 मार्च, 2024 को आधिकारिक तौर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को नियंत्रित करने वाले नियमों को लागू करने की घोषणा की थी। विरोध के बीच इसे लागू किया गया था। ये नियम हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों सहित गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए भारतीय नागरिकता प्रदान करने की व्यवस्था को सुदृढ़ करता है। इसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सताए जाने के बाद अवैध रूप से भारत में आकर रह रहे 6 अल्प संख्यक समुदायों के लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी।
रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी
सीएए पोर्टल पर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से सताए गैरमुस्लिमों को भारत में नागरिकता के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। इसके लिए व्यक्ति विशेष को indianctizenshiponline.nic.in पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। फॉर्म में मांगी गई डिटेल देनी होगी। फिर रजिस्ट्रेशन के बाद सरकार की ओर से सत्यापन किया जाएगा। सारे दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो भारत सरकार नागरिकता प्रदान करेगी। यात्रियों बिना किसी यात्रा दस्तावेज के भारत कैसे पहुंचे इसकी जानकारी साझा करनी होगी।
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