बंदियों के लिए नरक साबित होता सारंगढ़ उपजेल ! पैसे ना मंगाने पर बंदियो के साथ होता है थर्ड डिग्री टार्चर…? अंग्रेजो के प्रताड़ना कि याद दिलाता सारंगढ़ उपजेल मे सुरक्षा प्रहरियों का रवैया? परिजनों को मुलाक़ाती के लिए देना पड़ता है पैसा? प्रताड़ना से तंग आकर 02 कर चुके हैँ आत्महत्या!

IMG_20240228_094353.jpg
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34

सारंगढ़ : उपजेल सारंगढ़ का विवादों से गहरा नाता रहा है, उपजेल से बाहर आये व्यक्तियों की माने तो मानव अधिकार अधियनियम का सारंगढ़ उपजेल मे कोई नियम नही चलता , चलता है तो सिर्फ जेलर और बाबा( जेल के भीतर के सिपाही को कहा जाता है) का नियम। नियम ऐसा की बंदियों को जेल मे अगर बिना प्रताड़ना के रहने के लिए पैसे का चढ़ावा देना आवश्यक है, वरना उनका वही हश्र होता है जो विगत दिनों हुआ।
02 दिन पहले सारंगढ़ के उपजेल में पदस्थ जेलर संदीप कश्यप पर जेल में निरूद्ध बंदियो से जमकर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। रविवार को जेल मे निरूद्ध बंदियों में से लगभग दर्जन भर बंदियो को |अपने परिजनो को फोन करके पैसे मंगाने के लिये बर्बरतापूर्वक मारपीट करने का आरोप लगा है। रविवार को किया गया इस बर्बरतापूर्वकक मारपीट से लगभग आधा दर्जन से अधिक बंदियो को गंभीर चोट लगी है,एक बंदी के सर फट गया तथा उसको तीन टांके लगे है वही एक अन्य बंदी की स्थिति गंभीर देखते हुए उसको सारंगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में भर्ती कराया गया है। जहा पर उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।वही कलेक्टर ने इस मामले मे जांच का आदेश दे दिया है तथा सारंगढ़ एसडीएम वासु जैन पूरे मामले की जांच कर रहे है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (1)

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ का उपजेल मे जेलर संदीप कश्यप की भर्राशाही से बंदियो मे भय का वातावरण हेै। जेल मे निरूद्ध बंदियो से जेलर संदीप कश्यप मारपीट करके परिजनों को फोन कराकर पैसे की मांग करता है। बताया जा रहा है कि अपने पर्सनल एकाऊंट में पैसे टांसर्फर कराने के लिये बंदियो के साथ थर्ड डिग्री टार्चर जेलर के द्वारा किया जाता है। इस बारे में बरमकेला ब्लाक के बोंदा गांव के जेल मे गत 9 माह से निरूद्ध बंदी दिनेश चौहान को देरशाम को आनन फानन मे सारंगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में भर्ती कराया गया है। बंदी दिनेश चौहान ने बताया कि रविवार को उसको लगभग 4 घंटे तक जमकर पीटा गया। इस पिटाई से उसकी शरीर पर फोडा पड़ गया है। पट्टे से किया गया इस पिटाई से पूरा शरीर उसका टूट गया है। दिनेश चौहान ने बताया कि जेलर ने उससे 50 हजार रूपये की मांग किया था ओर परिजनो को फोन करके पैसे एकाऊंट मे टांसफर कराने के लिये दबाव बना रहा था। गरीब घर का होने तथा पैसे नही होने का वास्ता देने के कारण से दिनेश को लगभग 4 घंटे तक जेलर संदीप कश्यप और सुरक्षा प्रहरियो से जमकर मार पीट किया। दिनेश ने बताया कि पखवाड़ा भर पहले ही उसने जेलर के एकाऊंट में 40 हजार रूपये टांसर्फर किया था। और अब फिर से उससे 50 हजार रूपये की मांग किया जा रहा है। वही पूरे मामलें में परिजनो का भी रो रोकर बुरा हाल है। सारंगढ़ के सरकारी हस्पताल में भर्ती दिनेश चौहान की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन भी न्याय की गुहार लगा रहे है। वही पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन को देरशाम को किया गया जिसके बाद कलेक्टर ने इस मामले में जांच का आदेश जारी किया है। सारंगढ़ अनुविभागीय अधिकारी वासु जैन को पूरे मामले में जांच का जिम्मा सोपा गया है। वही देररात को सारंगढ़ उपजेल तथा सारंगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पहुंचकर एसडीएम वासु जैन ने जांच किया तथा पिड़ितो का बयान लिया।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.25
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.25 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (2)

जेलर करता है अवैध उगाही?

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39 (1)

इस पूरे मामलें में सूत्रों से जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार से सारंगढ़ उपजेल मे पदस्थ जेलर के द्वारा लगातार बंदियो के साथ मारपीट करने और अवैध उगाही करने की शिकायते प्राप्त हो रही थी। बताया जा रहा है कि रविवार को किया गया मारपीट मे लगभग एक दर्जन से अधिक बंदियो को गंभीर चोट आई है। इस मारपीट और एक्सटार्सन में जिन बंदियो को सबसे ज्यादा चोट आई है उसमें दिनेश चौहान का नाम पहले नंबर पर है। वही दीपक पटेल, रोहित पटेल, नारायण दास आदि बंदियों का भी नाम इस मारपीट करने वाले बंदियो की सूची में है। बताया जा रहा है कि नारायण दास के सिर पर बांस से लगातार हमला किया गया जिससे उसके सर फूट गया तथा उसको तीन टांका लगाया गया है। दर्द से कहारते हुए बंदियों को जेलर के द्वारा हस्पताल भी नही भेजा जा रहा था किन्तु स्थिति को गंभीर देखकर उनको हस्पताल भेजा गया। साथ ही जेलर ने परिजनों को भी कोई सूचना इस घटना की नही दिया है। वही पूरे मामले में देररात को जांच शुरू होने के बाद जेल अधीक्षक तथा सुरक्षा प्रहरियो की सांसे अटक गई है तथा अमानवीय रूप से किया गया बर्बरतापूर्वक व्यवहार को लेकर कार्यवाही की उम्मीद पिड़ितो के परिजन लगाये हुए है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.45
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.41
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.41 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.45 (1)

अंग्रेजो के प्रताड़ना कि याद दिलाता सुरक्षा प्रहरियों का रवैया?

जेल मे प्रताड़ित बंदियों के अनुसार सुरक्षा प्रहरियों का रवैया सुरक्षा के उद्देश्य से नही बल्कि डर का माहौल बनाने के लिए साबित हो रहा है! बाहर सीधे सादे नज़र आने वाले कुछ प्रहरी जेल के अंदर बंदियों से मानवीय व्यवहार नही बल्कि जानवरों सा सुलूक करते हैँ। बोंगा(डंडा) तो मानो वो जिसपर चाहे बरसा सकते हैँ, अदालत ने भले ही बंदियों को दोषी साबित नही किया हो लेकिन ये सुरक्षा प्रहरी इन्हे पहले ही प्रतिदिन दंडित करते रहते हैँ। और हो भी क्यों नही जब इनके आका जेलर का विशेष कृपा इनके उपर प्राप्त है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50

Recent Posts