भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए सीएम घोषित कर दिए गए हैं. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी चौंकाते हुए नए नवेले विधायक को सीएम घोषित कर दिया है.
भजनलाल शर्मा पर बीजेपी की ओर से खेला गया यह दांव कई मायनों में अहम है. भजनलाल शर्मा लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं. निर्विवाद छवि वाले भजनलाल शर्मा युवा हैं और पूर्वी राजस्थान के भरतपुर से आते हैं.

भजनलाल शर्मा को सीएम बनाने के पीछे कई वजह बताई जा रही है. निर्विवाद व्यक्तित्व होने के साथ ही उनके सीएम चुने जाने के कई कारण गिनाए जा रहे हैं. भजनलाल शर्मा को सीएम बनाकर बीजेपी ने पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है. किसी भी नेता का लगातार जीत दर्ज करवाना ही किसी पद के लिए कोई बड़ा पैमाना नहीं है बल्कि आम कार्यकर्ता और नेता की निष्ठा तथा समर्पण भी बेहद अहम है.
ये कारण माने जा रहे हैं शर्मा को सीएम बनाने के
– ब्राह्मण और युवा चेहरा है. भजनलाल को सीएम बनाकर पार्टी ने ब्रह्मण समाज को साधा है.
– पार्टी के साधारण कार्यकर्ता की सीएम पद पर ताजपोशी कर पूरी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश का संचार किया गया है.
– भजनलाल शर्मा पार्टी के किसी भी गुट में शामिल नहीं हैं. लिहाजा उनके नाम पर किसी की भी आपत्ति की गुंजाइश नहीं थी.
– भजनलाल शर्मा छात्र जीवन से ही एबीवीपी से जुड़े रहे हैं और उसके बाद आरएसएस सक्रिय रहे हैं. फिर पार्टी में भी पद पर रहे हैं.
– भजनलाल शर्मा की छवि निर्विवाद पदाधिकारी की है कि जो हमेशा हर परिस्थित में पार्टी के लिए मोर्च पर डटा रहा है.
– भजनलाल शर्मा के जरिए पार्टी की अंदरुनी गुटबाजी पर लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.
सांगानेर से विधायक चुने गए हैं
सांगानेर से विधायक बने भजनलाल शर्मा मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले हैं. भजनलाल शर्मा लंबे समय से संगठन में प्रदेश महामंत्री के तौर पर कार्य करते रहे हैं. बीजेपी ने उन्हें पहली बार जयपुर की सांगानेर जैसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाया था. उनको सांगानेर के मौजूदा विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटकर मैदान में उतारा गया था. सांगानेर सीट भाजपा का गढ़ कही जाती है. लिहाजा भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज को 48081 वोटों से शिकस्त दी थी.
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