मोदी का मास्टर स्ट्रोक साबित होगा एयर डिफेन्स प्रोजेक्ट कुश, जो बनेगा भारत का कवच? पीछे छूट जाएगा इजराइल, US और रूस…
भारत का सुरक्षा कवच अब और मजबूत होने जा रहा है, इसके लिए भारत एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहा है जो दुश्मन के हर हमले को नाकाम कर देगा. चीन हो या पाकिस्तान कोई भी इसे भेद नहीं पाएगा.
खास बात ये है कि ये एयर डिफेंस सिस्टम इजराइल के आयरन डोम से बहुत बेहतर होगा. ये अमेरिका के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और रूस के S-400 को भी टक्कर देगा.
भारत अभी तक अपने एयर डिफेंस सिस्टम के लिए रूस के S-400 पर निर्भर है, लेकिन अब भारत ने अपना खुद का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम बनाने की योजना बना ली है. यह जिम्मेदारी डीआरडीओ यानी रक्षा अनुसंधान विकास संगठन संभाल रहा है. यह जो एयर डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहा है, उसे ही प्रोजेक्ट कुश नाम दिया गया है. जो लंबी दूरी से भारत की तरफ आने वाले हर खतरे को हवा में ही ट्रैक कर उसे नष्ट कर देगा.
क्या है प्रोजेक्ट कुश
प्रोजेक्ट कुश भारत का नया एयर डिफेंस सिस्टम होगा, इसके तहत डीआरडीओ लॉग रेंज की सरफेस टू एयर मिसाइल यानी LR-SAM तैयार कर रहा है, इनकी रेंज अलग-अलग होगी, जो 150, 250 और 350 किमी तक दुश्मन की हरकत को ट्रैक कर उस तरफ से आ रहे हर हमले को नाकाम कर देगी. अभी भारत के पास S-400 एयर सिस्टम है जो रूस से लिया गया है.
350 किमी दूर से दुश्मन की हरकत करेगा पता
डीआरडीओ का प्रोजेक्ट कुश 350 किमी दूर से दुश्मन की हरकत का पता लगा लेगा, ये इजराइल के आयरन डोम से बहुत बेहतर होगा, जिसकी रेंज महज 70 किमी है, इसके अलावा यह अमेरिका पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को भी मात देगा जो 110 किमी दूर से दुश्मन के हमलों को ट्रैक करता है. भारत जो LR SAM बनाएगा वह रूस की S-400 के टक्कर की होगी, जो 380 किमी दूर तक दुश्मन की हरकत को ट्रैक करता है.
2028-2029 तक बनेगा भारत की ताकत
भारत का एयर डिफेंस सिस्टम 2028-2029 तक देश की सीमाओं पर तैनात होने की उम्मीद है. डीडी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह दुश्मन के हमलों के साथ-साथ, दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज और बैलेस्टिक मिसाइलों समेत हर हमलों को भी ट्रैक और ध्वस्त कर सकेगा. कुश के तैनात होने के बाद भारत उन महत्वपूर्ण देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपना लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है. अभी भारत के पास अपना स्वदेशी वेरी-शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है.
ऐसे करेगा काम
यदि दुश्मन की ओर से किसी प्रकार की हरकत की जाती है तो भारत की वायु रक्षा प्रणाली उसे ट्रैक कर लेगी और टारगेट से कई किलोमीटर पहले ही हवा में उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा. इसके लिए भारत का यह नया कवच लांग रेंज सर्फेस जो एयर मिसाइल दागेगा, ताकि दुश्मन को हवा में ही खत्म कर दिया जाए. यह तीन स्तरीय प्रणाली होगी, जिसकी सबसे कम रेंज 150 किमी होगी, मध्यम रेंज 250 किमी और अधिकतम रेंज 350 किलो.
2018 से S-400 यूज कर रहा भारत
भारत ने सबसे पहले 2018 में रूस के साथ S-400 की डील की थी, उस वक्त भारत ने 5 S-400 40 हजार करोड़ रुपये में खरीदे थे, अब तक भारत को रूस की ओर से इसके तीन स्क्वाड्रन दिए जा चुके हैं, इनमें से ज्यादातर चीन सीमा पर तैनात हैं. खास बात ये है कि चीन भी भारत की तरह रूस से ही S-400 खरीदता है. उसके पास अपना एयर डिफेंस सिस्टम है, लेकिन वह इससे कम प्रभावी है.
- IIM रायपुर में सारंगढ़ के जनप्रतिनिधियों ने सीखे सुशासन के गुर..नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कौशल का हुआ विकास..5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न: जिला पंचायत सदस्य शिवकुमारी साहू समेत अन्य सदस्यों ने प्राप्त किया विशेष मार्गदर्शन… - January 28, 2026
- गणतंत्र दिवस परेड में ‘धरती आबा’ झांकी ने जीता दिल..आदिवासी विकास विभाग को मिला प्रथम पुरस्कार..सांसद और विधायक के हाथों सम्मानित हुए अधिकारी; 25 जनकल्याणकारी योजनाओं की थीम पर आधारित थी भव्य झांकी.. - January 28, 2026
- “वोट की ताकत ही लोकतंत्र की असली शक्ति”: जिपं सभापति वैजयंती लहरे..राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर सभापति ने याद दिलाया संवैधानिक अधिकार.. - January 28, 2026
