राजस्थान के रामगढ़ थाना क्षेत्र के बेरेबास के जंगल में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया. देश भर में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी मनाया जाताहै .

नवरात्रि के नौ दिवसीय देवी दुर्गा और कन्या का पूजन करते है. लेकिन इस दिन ही अलवर के रामगढ़ में 2 दिन का नवजात शिशु को उसकी मां झाड़ियां में छोड़कर चली गई.
जहां पर 2 दिन का नवजात शिशु झाड़ियां के पास खेत में कंबल में लिपटी हुई मिली. घटना की सूचना पर थाना अधिकारी राजपाल चौधरी पुलिस जाप्त के साथ मौके पर पहुंचा.
वहां पर देखा कि ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी. लेकिन नवजात शिशु की कोई पहचान नहीं हो पाई. इसलिए नवजात शिशु को रामगढ़ हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे. हॉस्पिटल में ड्यूटी पर तैनात विश्वेंद्र गुर्जर व चिकित्सा अधिकारी हसन अली ने नवजात शिशु का जांच परीक्षण किया. तो नवजात बेटी स्वस्थ अवस्था में मिली.
वहीं अस्पताल स्टाफ ने नवजात बेटी को दूध पिलाया. वहीं चिकित्सा अधिकारी हसन अली का कहना है कि करीबन 2 दिन की नवजात बेटी खेत में पड़ी मिली है. जिसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है. स्वास्थ्य परीक्षण के अनुसार नवजात बेटी बिल्कुल स्वस्थ है. जिसे दूध पिलाया है और बेटी रो भी रही है. एक तरफ तो सरकार भ्रूण हत्या पर रोकथाम के लिए पूरा प्रयास कर रही है.
वहीं दूसरी तरफ मां की ममता को कलंकित करने वाली मां अपनी दो दिन की नवजात बेटी को जंगल में पटक गई. वह तो गनीमत रही की आवारा कुत्तों ने नवजात बेटी का शिकार नहीं बनाया. वरना एक बड़ा हादसा भी हो सकता था. वहीं पुलिस का कहना है कि जो अज्ञात नवजात बेटी खेत में मिली है.
- गांजा तस्करों पर सरिया पुलिस का शिकंजा, थाना प्रभारी की मुस्तैदी से 10.761 किलो गांजा बरामद… - September 13, 2026
- भादी अमावस्या पर दादी के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब… - September 13, 2026
- पकोड़े खाकर हो गए हैं बोर? बारिश में बनाएं कुरकुरी कोथंबीर वडी, जानें आसान विधि… - September 13, 2026
