छत्तीसगढ़: राशन कार्ड हितग्राहियों से गांव में बंदर के नाम से काटा जा रहा 1 किलो चावल…. पंचायत प्रमुख द्वारा गांव में व्यवस्था सुधारने के नाम से अजब कारनामा…
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के सबसे बड़े ग्राम पंचायत इंदौरी के राशन दुकान में हितग्राहियों के राशन में घोटाला किया जा रहा है। इंदौरी सहित आश्रित गांव बड़े रगरा व छोटे रगरा को मिलाकर पंचायत में 1941 हितग्राही है।
लेकिन पंचायतों के प्रमुख के द्वारा गांव में व्यवस्था सुधारने के नाम से प्रत्येक राशन कार्ड से एक-एक किलो चावल की कटौती की जा रही है। जबकि पंचायत के कई ग्रामीण चावल काटने की बात पर सहमत नहीं दिए है। इसके बावजूद गांव में बन्दर व मवेशी भगाने के नाम पर धड़क्के से गरीबों के हक के चावल में डंका डाला जा रहा है।
सरकार द्वारा गरीबी रेखा के नीचे निवास करने वाले गरीबों को भरपेट खाना मिल सके इस उद्देश्य से जिला के प्रत्येक परिवार को चावल दिया जाता है। ग्राम पंचायत इंदौरी में राशन कार्ड हितग्राहियों से गांव में बंदर व मवेशी भगाने के नाम से 1 किलो चावल काटा जाता है। जबकि गांव के मोहल्ले में बंदर अब भी उत्पात मचा रहे हैं। वहीं खेतों में मवेशी घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में इन्ही व्यवस्थाओं को सुधारने के नाम पर चावल पिछले 4 महीने से उनके कार्ड से काटा जा रहा है। जबकि गांव में बंदर का उत्पात कम होने का नाम नही ले रहा है।
इंदौरी के सरपंच संतोष साहू का कहना है कि हितग्राहियों से धान व पैसे न लेकर उनसे 1-1 किलो चावल काटने का फैसला गांव वालों ने लिया है, ताकि बन्दर और मवेशियों से होने वाले परेशानियों से लोगों को छुटकारा मिल सके। वहीं सरपंच के विपक्षी प्रत्याशी इंदर गृतलहरे का कहना है कि गांव में प्रमुख लोगों के द्वारा ऐसे कड़े नियम बना देते हैं और उसका नुकसान गरीबों को उठाना पड़ता है। गरीब लोग आवाज उठा भी नहीं पाते हैं। इसके चलते मजबूरी में उन्हें अपने राशन कार्ड से चावल कटवाना पड़ रहा है। नियम को लागू हुए 4 महीने हो गए हैं। इससे राशन कार्ड के हितग्राहियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसे बंद कर दिया जाना चाहिए।
इंदौरी में 1900 से अधिक राशन हितग्राही
ग्राम पंचायत इंदौर में अंत्योदय 712, नियमित 23, प्राथमिकता 1093 और एपीएल के 113 राशन हितग्राही हैं। इस तरह गांव में कुल 1941 राशन हितग्राही है। जो हर महीने अपना राशन लेने राशन दुकान पहुचंते हैं। लेकिन नियमों की बात कर प्रत्येक राशन हितग्राहियों का 1 किलो चावल राशन दुकान में ही काट दिया जाता है। फिर चावलों को बेचकर ही व्यवस्था सुधारने में लगे लोगों को पैसा दिया जाता है। जबकि इसमें से सैकड़ों ग्रामीणों की चावल काटने पर असहमति रहती हैं। राशन विक्रेता सुनील का कहना है कि इंदौर में स्वेच्छा से चावल देने के लिए 400 लोगों ने सहमति दिया है। लेकिन बैठक के निर्देश के मुताबिक 800 लोगों का राशन प्रत्येक महीने काटता हूं। जिसे हर महीने गांव के प्रमुख लोग बेचने के लिए यहां से लेकर चले जाते हैं।
जानिए किस तरह इंदौरी राशन दुकान में की जा रही गड़बड़ी
ग्राम पंचायत इंदौरी में 1941 राशन कार्ड हितग्राही है। प्रत्येक राशन कार्ड से अगर एक-एक किलो चावल काटा जाए तो 19 क्विंटल की चावल की वसूली प्रत्येक महीने किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के मुताबिक प्रत्येक राशन कार्ड से एक किलो राशन छुड़वाया जाना है। इस तरह 1900 कार्ड के 19 क्विंटल चावल को बाजार की कीमत के हिसाब से 25-30 रुपये में बिक्री में हिसाब किया है तो इस हिसाब एक ही महीने में 50 हजार रुपए वसूल किया जा रहा है। गांव में व्यवस्था सुधारने के नाम पर इतना बड़ा रकम वसूल किया जाना संदेह से परे हैं और बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहे हैं। हितग्राहियों ने उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कराए जाने की मांग किया है।
राशन कार्ड से चावल काटा जा रहें हैं तो करेंगे कार्रवाई
मामले में जिला खाद्य अधिकारी अरुण मेश्राम का कहना है कि हितग्राहियों का राशन कार्ड से राशन दुकानदार को चावल काटने का अधिकार नहीं है। अगर इसमें पंचायत भी शामिल है तो जिला सीईओ से बात कर मामले की जांच करवाता हूं। गड़बड़ी पाई गई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई किया जाएगा।
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