खंडवा। तीर्थ यात्रा (Pilgrimage) स्थल के भ्रमण (travel) पर निकली एक महिला (women) तीर्थ यात्री (passenger) के साथ सामूहिक दुष्कर्म (rape) का मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल पीडिता अपने परिजनों के साथ यात्रा पर निकली थी।

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में पीडिता के साथ आरोपियों ने घिनौना पाप किया गया था।
हादसे के दौरान महिला ने बचाव के लिए पुकार लगाई थी, लेकिन धर्मिक स्थल पर शोर गुल होने के कारण उसकी आवाज लोगों तक नहीं पहुंच सकी थी। यह घटना करीब 3 माह पहले की है जिसका खुलासा पीडिता ने अब किया है।
आरोपियों द्वारा दी गई जान से मारने की धमकी के चलते पीडिता ने तब मामले की शिकायत पुलिस से नहीं की थी। महिला को डर था कि उस वक्त उसके साथ उसके माता पिता भी यात्रा में शामिल थे और उनके साथ कोई अनहोनी न हो सके, इसलिए वह पूरी यात्रा के दौरान खामोश रही।
पीडिता का बयान
पीड़िता ने पुलिस शिकायत में बताया है कि बीते 20 मार्च की रात लगभग साढे 10 बजे रतलाम जिले से एक यात्री जत्था जय माता दी ट्रैवल्स कंपनी की बस बुकिंग कर धाराजी दर्शन के लिए रवाना हुआ था। ओंकारेश्वर पहुंचने पर बस स्टैंड पर खड़ी थी। सवार श्रद्धालु एक होटल पर भोजन करने के लिए रूके थे। तेज गर्मी होने से सभी विश्राम के लिए भी रूक गए थे।
इस दौरान पीडिता जब अपना बैग उठाने के लिए बस के अंदर गई तभी बस ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे अकेला पा कर बारी-बारी से युवती से दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

