गोठान की आड़ मे भूपेश सरकार ने रचा भ्रस्टाचार का चक्रव्यूह – ओपी चौधरी… रायगढ़ विधानसभा पुसौर मंडल के बाघाडोला, महलोई, लोहाखान और छपोरा के गोठानों का किया निरीक्षण…
रायगढ़। चलबो गोठान खोलबो पोल अभियान के तहत रायगढ़ विधानसभा पुसोर मंडल के बाघाडोला, महलोई, लोहाखान और छपोरा के गोठानों मे आज प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी पहुंचे ओर भूपेश सरकार इस गोठान की आड़ में भ्रष्टाचार का चत्रव्यूह रचने का गंभीर आरोप लगाया। इन गौठानो का निरीक्षण करने के दौरान ओपी चौधरी ने आम जनता से मुलाकात कर जमीनी सच्चाई को हकीकत जानकर पंचनामा बनाया। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा गांवो के बहुमुखी विकास हेतु 14 वे वित्त,15 वे वित्त, मनरेगा के तहत भेजी गई राशि का गौठानो में उपयोग किया गया ताकि इसकी आड़ में जमकर भ्रष्टाचार किया जा सके। इस दौरान खनिज मद के जरिए डी एफ एम मद की राशि का भी गोठानो में जबरन दुरुपयोग किया गया। ग्राम वासियों से चर्चा एवं बहुमुखी विकास हेतु व्यय किए जाने के दौरान बताया कि थे लेकिन भूपेश सरकार ने इस मद की मोदी जी द्वारा ग्राम विकास हेतु भेजी राशि का जबरन गोठान के नाम पर गई राशि से गांवो की दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने में भ्रष्टाचार बिजली,पानी,स्वच्छता,शिक्षा, चिकित्सा किया गया। दो रूपए में गोबर खरीद कर वापस दस रुपए म॑ किसाना का जबरिया बेचे जाने के मामले को लेकर किसानों में सरकार के प्रति गहरी नाराजगी है। किसानो ने भूपेश सरकार पर लाभ की मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा दो रुपए में गोबर खरीद कर सरकार प्रचार कर इसका झूठ श्रेय लेना चाहती है जबकि खरीदे गए गोबर में मिट्टी मिलाकर किसानो को वापस सोसाइटी के माध्यम से जबरिया बेचा जा रहा।
भोले भाले किसानो में इस तरह के दबाव को अनुचित बताते हुए ओपी ने कहा किसानो को उनकी उपज बेचने की आजादी देते हुए मोदी जी ने दशकों पुराने मंडी कानून को परिवर्तित किया ताकि किसान पूरे देश में कही भी अपनी उपज बेच सके। जो किसान खाद नही लेना चाहते ,उसे सोसायटी के अन्य सभी सुविधाओं स वंचित कर लाकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया जा रहा। सरकार के इस तानाशाही रजेए को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है । गोठानो के निर्माण में भी भारी गड़बड़ी ओर भ्रष्टाचार नजर आया । गौठानो के भौतिक सत्यापन के दौरान यह बात भी सामने नजर आई कि गायों को पानी पिलाने के लिए बनाए गए सीमेंट के पात्रों में घटिया निर्माण की वजह से दरार आ गई । गर्मी क दिनों में गोठानो में मौजूद गायों को प्यास आखिर कैसे बुझेगी? जितने भी गोठानो का निरीक्षण किया गया वहां गायों का न होना आश्चर्यजनक है। सरपंचों ने चर्चा के दौरान बताया कि जबरन दबाव डालकर के गोठन का निर्माण करवाया गया। सरकार के नीति की वजह से क्षेत्र के सरपंच कर्जे के जाल में फंस गए।
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