विगत दिनों आपने न्यूज़ में ectopic प्रेगनेंसी, न्यूरो सर्जरी, के बारे में पढ़ा होगा जो बहुत जटिल ऑपरेशन था जिसे *श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल* के डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर सफलता हासिल की थी, ठीक उसी तरह एक और गंभीर बीमारी (कान के परदे में छेद) का मरीज जिसका #हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव # था, उनका ऑपरेशन कर मरीज को जीवनदान दिया गया। यह ऐसी स्थिति है जिसका ऑपरेशन करने के लिए कई प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मरीज को मना कर दिया था क्योंकि उनके पास पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी जो इस बीमारी के लिए उपयुक्त होती हैं जैसे :-

1. isolation OT & ward
2.हेपेटाइटिस ड्रेस किट
3.अनुभवी doctor & स्टाफ।
इनके बिना ऑपरेशन संभव नहीं था किंतु *श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल सारंगढ़* ऐसी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहता है इसलिए यह ऑपरेशन यहां संभव हो पाया। हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव मरीज को बहुत से स्टाफ तथा डॉक्टर भी छूने से डरते हैं क्योंकि उन्हें भी खुद को फैलने का डर रहता है। लेकिन *डॉक्टर अनूप अग्रवाल* जी जो कि हमारे अंचल के इकलौते कान नाक गले के डॉक्टर हैं ने मरीज की स्थिति को देखते हुए खुद की परवाह किए बिना ,मरीज का ऑपरेशन किया और सफलता हासिल की। मरीज को नया जीवन दिया। मरीज के परिजनों ने बतलाया की पहले जहां भी गए मायूसी ही मिली मगर यहां आकर हमने देखा कि यहां के डॉक्टर खुद की परवाह किए बिना मरीज के हित में कार्य करते हैं.
हम तहे दिल से ऐसे समर्पित डॉक्टर ,स्टॉप, और हॉस्पिटल का धन्यवाद करते हैं।
*डॉक्टर अनूप अग्रवाल* जी ने बताया कि Standard precaution रख कर ऐसे मरिजों का भी इलाज बिना फैलने के डर से किया जा सकता है।
- पकोड़े खाकर हो गए हैं बोर? बारिश में बनाएं कुरकुरी कोथंबीर वडी, जानें आसान विधि… - September 13, 2026
- संजू की होगी वापसी या वैभव और अभिषेक करेंगे ओपनिंग, जानें पहले टी20 में कैसी हो सकती है टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन… - September 13, 2026
- छत्तीसगढ़:इंस्टाग्राम रील देखकर शेयर ट्रेडिंग के जाल में फंसा कारोबारी, ₹94.50 लाख गंवाए… - September 13, 2026
