सारंगढ़: महज 3 हज़ार जनभागीदारी शुल्क जमा नही कर पाने पर गरीब छात्रा को परीक्षा कक्ष से निकाला बाहर..! 1374 रुपये की फीस मे जोड़ा 15000 जनभागीदारी शुल्क…? सारंगढ़ के इतिहास मे पहली घटना,जिम्मेदार कौन?…
सारंगढ़। सारंगढ में पं.लोचन प्रसाद पांडे शासकीय स्नातक महाविद्यालय में पीजीडीसीए कोर्स की बचत तीन हजार रूपये फीस जमा नही करने पर पांच विषय की परीक्षा दिला चुकी छात्रा को अंतिम विषय की परीक्षा मे नही बैठने दिया गया ओर परीक्षा से वंचित कर दिया गया।सबसे आश्चर्य की बात यह है कि पीजीडीसीए का शुल्क विश्व विद्यालय प्रशासन के द्वारा मात्र 1374 रूपये निर्धारित किया गया है किन्तु जनभागीदारी समिति के द्वारा इसमें 15 हजार रूपये की शुल्क ओर जोड़ दिया गया। वही कुल 16374 रूपये मे सें 13 हजार रूपये की राशी छात्रा के द्वारा जमा कर दिया गया फिर भी उसे अंतिम परीक्षा से वंचित कर दिया गया। जनभागीदारी समिति और कालेज प्रबंधन की इस मनमानी की शिकायत पिडित छात्रा से प्रशासन से किया है। जिस पर जिला टी सन ने पूरे मामले में जांच का आदेश दिया ।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शासकीय पं.लोचन प्रसाद पांडे शासकीय स्नातक महाविद्यालय सारंगढ़ में ट्विंकल मानिकपुरी पीजीडीसीए की नियमित छात्रा है। ट्विंकल मानिकपुरी ने बताया कि यहा पर पीजीडीसीए की फीस 1374 रूपये ओर 15 हजार रूपये जनभागीदारी शुल्क मिलाकर कुल 16374 रूपये उसको जमा करने थे किन्तु आर्थिक तंगी के कारण से उसके पास 13 . हजार रूपये थे। इस कारण से उसने 13 हजार जमा कर शेष राशी के लिये समय की मांग . किया। जिस पर महाविद्वालय प्रशासन ने उसे .. प्रवेश पत्र जारी कर पीजीडीसीए की परीक्षा मे . शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दिया। .. किन्तु कुल 6 विषय की परीक्षा मे से 5 विषय की परीक्षा दिलाने वाली टिवंकल मानिकपुरी को अंतिम विषय की परीक्षा से इस कारण से . बाहर कर दिया गया क्योकि उसका राशी बचत . था। उच्च शिक्षा मंत्री के पुराने गृह जिला में इस प्रकार की अजीबो गरीब हरकत से क्षेत्र मे हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पिड़ित : छात्रा ने वहां उपस्थित शिक्षको से बार बार मिन्नते की ओर फीस के बदले में अपनी स्कूटी . ओर मोबाईल रख लेने की बात कही लेकिन वहां उपस्थित शिक्षको ने छात्रा की एक ना सुनी। ओर छात्रा बिना परीक्षा दिए हुए कालेज
से रोत हुए अपन घर चली गई। वही इस मामले में छात्रा ने अब प्रशासन का दरवाजा खटखटाते हुए न्याय की गुहार लगाई है, ओर दोषी कालेज प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
वही मामले में जानकारी ये भी मिली हैं की यूनिवर्सिटी द्वारा पीजीडीसीए का फीस 1374 रु रखा गया हैं बाकी के 15हजार रूपये जनभागीदारी के रूप में कालेज के विकास ओर अन्य चीजो के लिए लिया जाता है, अब ऐसे में देखा जाए तो छात्रा ने यूनिवर्सिटी का फीस 13हजार रूपये जमा कर क दे दिया था, लेकिन कालेज जो 15हजार जनभागीदारी के रूप में लेती हैं उसमे से कुछ पैसे नही जमा हुए थे जिसके कारण छात्रा को परीक्षा से वंचित कर दिया गया ओर उसका एक वर्ष खराब कर दिया।
मामले की जानकारी रात को मिली प्राचार्य
‘वही इस मामले में कॉलेज प्रिंसपल डॉ. डी. एल लहरे का कहना है, उन्हें इस मामले की जानकारी रात को मिली तब तक परीक्षा समाप्त हो चुका था। अगर समय रहते हुए वहां उपस्थित शिक्षको द्वारा उन्हें बता दिया गया होता की फीस नही दे पाने के कारण छात्रा को परीक्षा में बैठने नही दिया जा रहा है तो ऐसा नही होता और आज वो छात्रा परीक्षा में बैठी होती। डां. डी.आर लहरे ( प्रिंसिपल) पं.लोचन प्रसाद पांडे शासकीय डिग्री कॉलेज सारंगढ़
मामले में जांच करने का दिया गया आदेश – संयुक्त कलेक्टर
इस मामले में सयुक्त कलेक्टर भागवत जायसवाल ने बताया कि उन्हें एक छात्रा द्वारा शिकायत प्राप्त हुआ है, जिसमे फीस नही जमा करने के कारण परीक्षा में नही बैठाने की बात कही गई है, मामले में सम्बंधित विभाग के द्वारा जाँच कर कार्यवाही की जाएगी।
भागवत जायसवाल, संयुक्त कलेक्टर
