छत्तीसगढ़ बिग ब्रेकिंग: राशन दुकानों का चावल बेचने और खरीदने वाले दोनों पर कार्रवाई होगी…. खरीदने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी एफआईआर… सरकारी दुकान द्वारा चावल खरीदने की शिकायत पर दुकान सस्पेंड और एफ आई आर… परिवहन करते वाहन पकड़े जाने पर वाहन जब्ती की कार्रवाई और 7 साल की सजा…..
छ्त्तीसगढ़ , मुफ्त में मिलने वाले सरकारी चावल की खुलेआम खरीदी-बिक्री हो रही है. यह कारोबार रोज 10 लाख का है. अब इस पर खाद्य विभाग के साथ पुलिस संयुक्त रूप से टीम कार्रवाई करेगी.
कलेक्टर ने इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी करने की बात कही है.
बता दें कि राजधानी की 130 राशन दुकानों में कार्डधारियों से सरकारी चावल 15 से 16 रुपए में खरीदकर इसे राइस मिलों में सप्लाई किया जा रहा है. इसे लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. विभाग की जांच के दायरे में कुछ राशन दुकान संचालक भी है. दुकान संचालक भी खुद ही दुकानों में कार्डधारियों को चावल के बदले पैसे दे रहे हैं. बीते दिनों पंडरी, टिकरापरा और भनपुरी की कुछ राशन दुकानों के सेल्स मैन द्वारा चावल खरीदने की शिकायत भी कलेक्टर तक पहुंची है.
राशन कार्डधारियों के द्वारा चावल बचे जाने पर कार्ड रद्द करने की कार्रवाई.
खरीदने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर.
सरकारी दुकान द्वारा चावल खरीदने की शिकायत पर दुकान सस्पेंड और एफआईआर.
परिवहन करते वाहन पकड़े जाने पर वाहन जब्ती की कार्रवाई.
7 साल की सजा का है प्रावधान
जो बिचौलिया या दुकानदार राशनकार्ड धारकों के सामग्री को खरीदेगा उसके खिलाफ भी छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 साल तक की अधिकतम सजा का प्रावधान है.
इनकी शिकायत कलेक्टर के पास
गुढ़ियारी व नहरपारा इलाके में जीतू नाम के व्यक्ति द्वारा चावल का बड़ा खेल खेला जा रहा है. इनके द्वारा गुढ़ियारी प्रेमनगर स्थित गोदाम में एकत्रित होता है. लाखेनगर चौक से महमूद नाम के व्यक्ति द्वारा आमासिवनी और संकरी के राइस मिलों में चावल पहुंचाया जा रहा है. रामसागरपारा में बम्लेश्वरी मंदिर के पास मुन्ना खांडवाल व उस्मान, गुढ़ियारी में सोएब और सुशील ठाकुर के द्वारा चावल की तस्करी करने की लिखित शिकायत कलेक्टर तक पहुंची है.
कार्रवाई के लिए टीम बनाई गई है. राशन दुकानों का चावल बेचने और खरीदने वाले दोनों पर कार्रवाई होगी.
डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, कलेक्टर, रायपुर
