लैलूंगा: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जामबहार केरामुड़ा के हर्षमंदर राठिया के द्वारा शासकीय भूमि पर पत्थर के लिए अवैध रूप से खदान बनाना जा रहा है। तथा लैलूंगा विकासखंड के कई ग्राम पंचायतों में लंबे समय से चल रहा गौण खनिज का दोहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिसकी खबर प्राथमिकता से चलाया गया। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गौंड खनिज के अवैध उत्खनन की खबर उजागर होते ही देर साम राजस्व विभाग के अधिकारी और लैलूंगा पुलिस ग्राम पंचायत जामबहार केरामुड़ा के उत्खनन स्थल पर पहुंचे थे तथा मौके पर उपस्थित लोगों से पूछ ताछ कर jcb वाहन को जप्त कर अपने साथ ले गए। स्थानीय लोगो जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि विभागीय नुमाइंदों की सांठगांठ से अवैध रूप से पत्थर की तस्करी जोरों पर जारी है।।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत जामबहार केरामुड़ा से जप्त की गई जेसीबी के संबंध में स्थानीय प्रशासन को कुछ भी जानकारी नहीं है वहीं वाहन लैलूंगा थाने में खड़ी भी दिख रही तथा स्थानीय पुलिस पूरे मामले से अनभिज्ञता जता रही है। ऐसे में अब और भी कई सवाल खड़े होने लगे हैं क्या विभागीय नुमाइंदों की सरपरस्ती चल रहा गौण खनिज का दोहन? या खनिज माफियाओं के राजनैतिक रसूख के आगे जिम्मेदार नतमस्तक हो गए हैं?? आखिर किसके दिशा निर्देश पर और किन किन अधिकारियों की उपस्थिति में जेसीबी मशीन को जप्त किया? कहां रखी गई है जप्त की गई जेसीबी मशीन?? मौका पंचनामा में क्या उल्लेख किया गया है तथा किस तरह कार्यवाही की जा रही है।।

जिला कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद भी अब तक गौण खनिज के दोहन को लेकर किसी प्रकार की ठोस कार्यवाही होती नही दिख रही है। जिससे खनिज तस्करों के हौसले बुलंद हैं। लैलूंगा क्षेत्र में अवैध रूप से रेत की तस्करी पत्थर की तस्करी जोरों पर जारी है। स्थानीय लोगो का आरोप है कि खनिज तस्करों का विभागीय नुमाइंदों से आपसी सांठगांठ से ही सारा काम हो जाता है इसलिए कार्यवाही नही होती है।
वर्जन- मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है- प्रेमा किस्पोट्टा( तहसीलदार लैलूंगा )
