सारंगढ़: श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल सारंगढ़ के बाल तथा शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ अभयाचल किशोर झा सर ने बताया कि नवजात शिशु का देखरेख तथा उनको इन्फेक्शन से बचाव के लिए क्या क्या उपाय किया जाना चाहिए l
नवजात 28 दिन से कम उम्र का बच्चा है। जीवन के इन पहले 28 दिनों के दौरान, बच्चे को मृत्यु दर का उच्चतम जोखिम होता है।
संक्रमण से बचाव के लिए नवजात की देखभाल के लिए बहुत सारे उपाय किए जाने होते है जिसमें माँ से नवजात शिशु को अनावश्यक रूप से अलग करने से बचना, जन्म के बाद शिशु को NICU (शिशु इकाई) में रखकर उचित देखभाल किया जाना, शिशु को जन्म देने से पहले और संभालने से पहले हाथ धोना,
प्रसव के दौरान अच्छी बुनियादी स्वच्छता और साफ-सफाई रखना,
गर्भनाल की उचित देखभाल करना,
उचित नेत्र देखभाल करना, कई बार प्रसव में देरी से नवजात संक्रमण का अधिग्रहण किया जाता है इन्हें रोका जा सकता है l

शिशु के देखभाल में सावधानी में सबसे पहले शिशुओं को संभालने से पहले और बाद में सभी कर्मचारियों और परिवारों के लिए हाथ धोने या स्टरलाइज़र से हाथ धोने की सख्त प्रक्रिया अपनानी चाहिए l
उसके पश्चात कंगारू मदर केयर का उपयोग करना उचित है l
अपरिपक्व शिशुओं के लिए इन्क्यूबेटरों के उपयोग से यथासंभव बचना चाहिए l
सभी प्रक्रियाओं के लिए सख्त स्वच्छ इंजेक्शन प्रथाओं का पालन करना, अंतःशिरा ड्रिप को समय पर हटाना जब वे आवश्यक ना हो l
हर एक शिशु अलग तथा महत्वपूर्ण होता है इसलिए कोई भी संक्रमण के लक्षण परिलक्षित होने पर तुरंत विशेषज्ञ से सम्पर्क करें ताकि समय रहते समुचित इलाज किया जा सकेl
- सारंगढ़:धर्मांतरण विवाद पर कोतवाली में भाजपा का हल्लाबोल, कार्रवाई की मांग पर धरने से गरमाई सियासत… - June 15, 2026
- कटंगपाली और छेलफोरा बने अवैध माइनिंग के सबसे बड़े “डार्क स्पॉट”..धरती का सीना चीरकर रसूखदार भर रहे तिजोरियां, धूल फांकने को मजबूर बेबस इंसान… - June 15, 2026
- 30 जून तक कराएं श्रमिक पंजीयन में सुधार, नहीं तो अटक सकती हैं योजनाओं की सुविधाएं… - June 15, 2026

