टीबी मुक्त पंचायत की परिकल्पना: सारंगढ़ ब्लॉक लाल हैँ 144 टीबी के मरीज.. 2025 तक सारंगढ़ सहित पूरे प्रदेश को टीबी से मुक्त करना है- डॉक्टर एफ.आर. निराला….
सारंगढ़ । विश्व टीबी दिवस पर जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्धकी के निर्देश , डॉ. एफ आर निराला सीएमएचओ के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न पंचायत , स्वास्थ्य केंद्रों ,में टीबी मुक्त के लिए शपथ लिए गए ।जिसमे 2025 तक प्रदेश को टीबी से मुक्त करना है, इसके लिए जरूरी है की पंचायत प्रतिनिधियों की भी सह भागिता हो । पंचायत को टीबी की वर्तमान स्थिति पता रहे की उनके पंचायत मेंअभी टीबी के मरीज उपचार ले रहे है क्या ? या पंचायत टीबी मुक्त है , यदि जिले की वर्तमान स्थिति देखे तो 349 पंचायत में से 205 पंचायतों में अभी टीबी के मरीज उपचार ले रहे है । अर्थात 59 % पंचायत में टीबी के मरीज ले रहे है । जबकि 144 पंचायत याने 41 % पंचायत में अभी टीबी के मरीज नही है । बरमकेला ब्लॉक में 92 , बिलाईगढ़ में 123 ,सारंगढ़ ब्लॉक में 144 मरीज अभी टीबी से पीड़ित है और डॉट्स से उपचार ले रहे है ।
हम पिछले 6 वर्षो की स्थिति देखे तो इन तीनों ब्लॉक में शास. अस्पतालों से वर्ष 2017 में 742 ,वर्ष 2018 में 914 , वर्ष 2019 में 723 , वर्ष 2020 में 408 , वर्ष 2021 में 497 ,वर्ष 2022 में 664 नए टीबी के मरीज खोजे गए एवम उन्हे डॉट्स से उपचार दिए गए यदि हम औसत मरीज प्रतिवर्ष देखे तो 658 मरीज खोजे गए । हालांकि कोरोना काल में अपेक्षा कृत कम मरीज पंजी कृत किए गए । प्रतिमाह औसतन 55 मरीज एवं प्रति दिन लगभग 2 नए टीबी के मरीज खोजे जा रहे है । ये संख्या संतोष प्रद नही कहे जा सकते । इसी कारण हमे समुदाय की सहभागिता की आवश्यकता है यदि समुदाय जागृत हो जाए तो समाय सीमा 2025 याने 3 वर्षो के भीतर हम पंचायत को टीबी मुक्त कर सकते है ।इसके लिए पंचायत को अपने स्तर से प्लानिंग बनाकर पूरी सक्रियता से वर्तमान में शंकाप्रद सभी टीबी मरीजों का चिन्हांकन करना होगा , सत्यापन माइक्रोस्कोपिक सेंटर में करना होगा ,जरूरत पड़ने पर छाती की एक्स रे करने होंगे और सुनिश्चित करने होंगे की आपके पंचायत में टीबी के मरीज है की नही।
*समुदाय शंका कब करे*
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी आने पर। शाम को चढ़ने वाले बुखार आने पर। खांसी में खून आने पर। छाती में दर्द होने पर। सांस फूलने पर। खाना कम खिलाने पर वजन घटने पर इसमें से एक से अनेक लक्षण मिल सकते है या फिर कोई एक लक्षण भी मिल सकते है तब आप शंकाकरे और उसकी जांच कराए यदि ये शंका समाधान जल्द हो जाए तब टीबी से पीड़ित व्यक्ति की जल्दी पहचान होकर डॉट्स जल्दी प्रारंभ हो सकेगी वही दूसरी ओर पीड़ित व्यक्ति के द्वारा परिवार ,पड़ोसी या परिजन को कम बीमारी फैला पाएंगे लेकिन देरी से पता चलने पर इनके द्वारा अनेकों व्यक्तियों को फ्री में संक्रमण कर देते है यही कारण है की आज समुदाय की सहभागिता , पंचायत की सहभागिता की नितांत आवश्यकता है क्योंकि आज हम कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर नचदीकी के लोगो को भी टीबी के बचाव के दवाई दे रहे है और इसी तरीके को अपनाने पर हो हम टीबी को खत्म कर पाएंगे नही तो एक टीबी के पॉजिटिव मरीज 10 ,15 को भी संक्रमित कर सकते है अगर वे उपचार नही ले रहे होंगे तब ,पंचायत टीबी के लक्षण वालो की सतत निगरानी करे ,पुराने मरीजों की फालोअप करते रहे तो ये निश्चित मानिए हम अपने पंचायत को टीबी मुक्त कर सकते है और जब सब पंचायत टीबी मुक्त होंगे तभी प्रदेश , देश टीबी मुक्त होंगे अंततः टीबी हारेगा ,देश जीतेगा ।
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