शर्मशार:पहले दामाद को जमकर पीटा,फिर प्राइवेट पार्ट में डाला स्टील ग्लास….
बिहार में जब खातिरदारी की चर्चा होती है तब दामाद का उदाहरण दिया जाता है. आम बोलचाल में कहा जाता है कि दामाद की तरह स्वागत और खातिरदारी हुआ. लेकिन मुजफ्फरपुर में एक शर्मनाक मामला सामने आया है.
यहां दामाद के साथ बर्बरता को अंजाम दिया गया. दामाद के साथ पहले उसके ससुराल वालों ने जमकर मारपीट की. इसके बाद जब दामाद बेहोश हो गया तब उसके पाईवेट पार्ट में ग्लास डाल दिया. युवक को यह बात पता नहीं था कि उसके पेट में पाइवेट पार्ट के जरिए ग्लास डाल दिया गया है. युवक के पेट में जब लगातार दर्द रहने लगा तब वह डॉक्टर के पास गया. इसके बाद उसे पता चला कि पेट में स्टील का ग्लास है.
तेज पेट दर्द के बाद इलाज कराने पहुंचे युवक का जब एक्सरे जांच कराया गया तो पता चला कि पेट में ग्लास है. इसके बाद युवक सन्न रह गया. युवक ने बताया कि उसके ससुराल वालों ने उसके पेट में ग्लास डाला है. युवक का नाम पवन कुमार है. वह साहेबगंज के रामपुर असली गांव का रहने वाला है.
पहले पीटा फिर ग्लास डाला
दरअसल पवन 15 दिन पहले पत्नी को लेने ससुराल गया था. यहां किसी बात को लेकर उनका ससुराल वालों से विवाद हो गया जिसके बाद वहां पर उसके ससुराल के लोगों ने उसके साथ मारपीट की. पवन को सबने मिलकर इतना पीटा कि वह बेहोश हो गया इसके बाद ससुराल वालों ने उसके पाइवेट पार्ट में स्टील का गिलास घुसा दिया. होश आने के बाद से ही उसके मल द्वार में दर्द महसूस हो रहा था. इसके बाद उसने गांव के झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया. डॉक्टर उसे वह इंजेक्शन लगाते थे तो दर्द से आराम मिलता था. इंजेक्शन का प्रभाव खत्म होने के बाद दर्द फिर होने लगता था
एक घंटे तक चला ऑपरेशन
जब दर्द कम नहीं हुआ तो वह इलाज के लिए SKMCH पहुंचा. यहां जांच में पता चला कि उसके पेट में स्टील का ग्लास है. इसके बाद पवन साह के पेट में फंसे स्टील गिलास को ऑपरेशन से डॉक्टर ने निकाल दिया है.सर्जरी यूनिट इंचार्ज डॉ . मनोज कुमार और डॉ . राजेश कुमार ने किया. ऑपरेशन एक घंटे से अधिक समय तक चला.डॉ . राजेश कुमार ने बताया कि पवन की स्थिति खतरे से बाहर है. साक्ष्य के तौर पर गिलास को रखा गया है. मल द्वार से गिलास को प्रवेश कराया गया था.
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