चीन में आई कोरोना की तीसरी लहर,10 लाख लोग मरेंगे,क्या भारत मे लगेगा लॉकडाउन….
तीन साल पहले दिसंबर महीने में ही कोरोना वायरस (Corona Virus) महामारी ने चीन के वुहान शहर में रंग दिखाया था. तीन साल का वक्त बीतने पर और लाखों लोगों की मौत के बाद भी दुनिया इस महामारी के प्रकोप से आजाद नहीं हो सकी है.
भारत में भी इसके चलते लंबे समय तक कोविड लॉकडाउन (Covid Lockdown) रहा है. अब एक अमेरिकी रिसर्च रिपोर्ट में साल 2023 के दौरान कोरोना संक्रमण से दुनिया में 10 लाख लोगों की मौत की चेतावनी दी गई है. इसके बाद दिसंबर महीने में ही फिर चीन से आ रही खबरों ने सभी की धड़कनें तेज कर दी हैं. महज डेढ़ सप्ताह पहले 9 दिसंबर को ही भारी जनविरोध के बाद चीन ने अपनी ‘जीरो कोविड पॉलिसी (Zero Covid Policy)’ में ढील दी थी, लेकिन इसके बाद चीन में कोविड-19 (Covid 19 in China) के नए मामले और ज्यादा तेज हो गए हैं. एक्सपर्ट्स ने सर्दी के सीजन के दौरान अगले तीन महीने में चीन के अंदर कोविड (Covid China) की तीन बड़ी लहर आने की चेतावनी दे दी है, जिसमें से पहली लहर इस समय चल रही है. इससे फिर सवाल उठ रहा है कि क्या एक बार फिर चीन के कारण दुनिया को लॉकडाउन में जाना पड़ेगा?
अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया है ये दावा
अमेरिका के एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान ने इस सप्ताह में रिपोर्ट पेश की है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2023 में कोविड संक्रमण दुनिया में 10 लाख लोगों से ज्यादा की जान लेगा. इसमें सबसे ज्यादा लोग चीन के होंगे, जहां के टीके दुनिया में बाकी MRNA टीकों के मुकाबले कम प्रभावी पाए गए हैं. हालांकि चीन अपनी कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) को कमजोर नहीं मानता है, लेकिन चीनी आंकड़ों के हिसाब से उसकी 80 साल या उससे अधिक उम्र की आधी आबादी को ही वैक्सीन की तीन डोज मिल हैं. ऐसे में बाकी आबादी के कोरोना का शिकार होने की संभावना बहुत ज्यादा है.
कोरोना लहर पर चीनी एक्सपर्ट का अनुमान
चीन के महामारी एक्सपर्ट डॉ. वू जुन्यो ने चेतावनी दी है कि चीन को कोरोना की एक के बाद एक लहर का सामना करना पड़ सकता है. पहली लहर इस समय चल रही है, जिसमें इंफेक्शन की चपेट में आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इस लहर का चरम जनवरी के मध्य तक आने की संभावना है. तब तक लाखों लोग इसकी चपेट में आएंगे. डॉ. जुन्यो के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर 21 जनवरी से चीनी न्यू ईयर के साथ शुरू हो सकती है, क्योंकि इस दौरान देश में लाखों लोग परिवार समेत इधर से उधर जाते हैं. इसके बाद इंफेक्शन की तीसरी लहर फरवरी अंत में शुरू होगी और इसके 15 मार्च तक चलने की संभावना है. यह वो पीरियड होगा, जब छुट्टी से लौटे लोग बड़ी संख्या में दोबारा ऑफिसों में जाना शुरू करेंगे.
मौत के आंकड़े जारी करना किया गया बंद
चीन की सरकार ने जीरो कोविड पॉलिसी के प्रतिबंधों में ढील देने के बाद कोरोना आंकड़ों को क्लासीफाइड कर दिया है. अब चीन कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं कर रहा है. यह कवायद 7 दिसंबर से शुरू की गई है. हालांकि इसके मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद से ही राजधानी बीजिंग और अन्य बड़े शहरों में मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग श्मशान घाट पर रविवार को ही 30 से ज्यादा कोरोना पीड़ितों का अंतिम संस्कार किया गया है, लेकिन इनकी मौत का कारण निमोनिया बता दिया गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट में भी बीजिंग में श्मशान घाट के बाहर शवों की लाइनें लगने का दावा किया गया है. इससे हालात खराब होने का पता चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अब चीन पहले के मुकाबले कोरोना टेस्टिंग भी कम कर रहा है.
शंघाई में स्कूलों की ऑनलाइन क्लासेज शुरू
कोरोना की घातक लहर की चेतावनी के बाद शंघाई प्रशासन ने स्कूली बच्चों को बचाने की कवायद शुरू कर दी है, वीचैट पर पोस्ट किए गए शंघाई एजुकेशन ब्यूरो के बयान के मुताबिक, नर्सरी और चाइल्डकेयर सेंटर सोमवार से बंद कर दिए गए हैं, जबकि सभी स्कूलों को 17 जनवरी तक ऑनलाइन क्लासेज ही लेने का आदेश दिया गया है. इसके बाद चीनी न्यू ईयर की छुट्टियां शुरू हो रही हैं. शंघाई चीन का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है. वहां कोरोना लहर के दौरान नए मामलों में भारी बढ़ोतरी होने का अनुमान है. इसी कारण अस्पतालों में 2.30 लाख अस्थायी कोरोना बेड तैयार कर लिए गए हैं. अन्य शहरों में भी ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं.
पिछले सप्ताह बोला था चीन- अब नहीं कर पा रहे ट्रैकिंग
चीन में कोरोना के नए मामले कितने ज्यादा बढ़ गए हैं, इसका अंदाजा पिछले सप्ताह वहां के स्वास्थ्य विभाग के एक बयान से भी लगाया जा सकता है. इस बयान में चीन के हेल्थ डिपार्टमेंट ने कहा था कि कोरोना के नए मरीजों की ट्रैकिंग करना अब असंभव हो गया है यानी नए केस इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि वे किससे मिल रहे हैं और कौन-कौन उनके कारण वायरस के संपर्क में आ रहा है, इसका ब्योरा रखना असंभव हो गया है.
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