रायगढ़:वायु प्रदूषण से होने वाले प्रदूषण जनित आंख-नाक में जलन, सांस लेने में तकलीफ, दिमाग, सिरदर्द, चिंता, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव, फेफड़े की कार्यक्षमता में कमी, दिल (ह्दय रोग) लीवर संबंधित रोगों का होगा इलाज…..
रायगढ़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जानकारी देते हुए बताया कि वायु प्रदूषण के प्रति लोगो में जागरूकता लाने के लिये अब छत्तीसगढ़ प्रशासन एआरआई (एक्युट रेस्पीरिटरी इंफेक्शन) क्लीनिक की शुरूवात कर रही है। इसमें जलवायु में होने वाले परिवर्तन और प्रदूषण की वजह से होने वाली बीमारियों के मरीजों का इलाज होगा तथा पहली बार स्वास्थ्य विभाग क्लाइमेटचेंज और प्रदूषण की वजह से होने वाली बीमारियों के मरीजों का रिकॉर्ड भी रखेगा। क्योंकि प्रदूषण और आबो हवा में हो रहे बदलाव के चलते ज्यादातर लोगों को सांस संबंधित रोग जैसे दमा, सांस फूलने की शिकायत, निमोनिया, टीबी, चेस्ट कैंसर के साथ स्किन एलर्जी और कैंसर जैसे गंभीर रोग हो रहे है। एआरआईक्लीनिक के लिए एम्स रायपुर में ट्रेनिंग दिया गया है वायु प्रदूषण से होने वाले हम पर निम्नांकित दुष्प्रभाव देखे जा रहे है। आंख-नाक में जलन, सांस लेने में तकलीफ, दिमाग, सिरदर्द, चिंता, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव, फेफड़े की कार्यक्षमता में कमी, दिल (ह्दय रोग) लीवर संबंधित बीमारियां हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके तहत-शहर में वायु प्रदूषण को घटाने के लिए सर्विलेंसटीम, प्रदूषित जनित मरीजों का रिकॉर्ड रखेंगें, बीमारियों के प्रति जागरूकता, पोस्ट कोविड मरीजों पर फोकस व अन्य बीमारियां पर आम जनता के लिए स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराकर उनका इलाज कराया जा रहा हैं।
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