रायगढ़। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यक्रम की तैयारी के लिए सारंगढ़ जा रहे सरकारी वाहन ने दो बाइक को टक्कर मार दी जिसमें दो घरों में अंधेरा हो गया। मामला सीएम प्रोग्राम का था इसलिए पुलिस ने भी चुप्पी साध ली लेकिन सोमवार को मृतकों के परिजनों ने सारंगढ़ के कलेक्टर और एसपी को आवेदन देकर न्याय मांगा है।

कहीं कोई भी सड़क हादसा होता है तो पुलिस की डायरी में दर्ज हो जाता है। इसकी जानकारी पुलिस खुद आरोपियों के नाम समेत सार्वजनिक करती है। मृतकों की आकस्मिक मौत पर प्रशासन की ओर से मुआवजा भी मिलता है। लेकिन हादसा अगर सरकारी अधिकारी की गाड़ी से हो जाए तो फिर पुलिस के साथ-साथ सारे नियम भी ठंडे पड़ जाते हैं। रायगढ़-सारंगढ़ रोड पर ग्वालिनडीह के पास शुक्रवार को हुए हादसे में दो परिवारों ने जवान बेटे खोए हैं। दो घरों में मातम छा गया है। इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि घटना गाड़ी से हुई है।


सोमवार को दोनों मृतकों के परिजनों ने कलेक्टर और एसपी सारंगढ़ से शिकायत की है। मृतक नरेंद्र निषाद के पिता सहनीराम निषाद निवासी तिलाईमुड़ा और मृतक समीर जोल्हे के पिता सम्मेलाल जोल्हे निवासी भोजपुर वार्ड 2 सारंगढ़ ने लिखित में शिकायत की है। उनका कहना है कि शुक्रवार को उनके पुत्र सारंगढ़ आ रहे थे तब गाड़ी क्रमांक सीजी 02 7746 के ड्राइवर ने लापरवाही से चलाते हुए टक्कर मार दी। इसमें नरेंद्र और समीर की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। परिजनों ने वाहन चालक पर कार्रवाई करने की मांग की है।

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