“जल्दी आ जाओ, आख़री बार देख लो” ! पति को नही मिली सैलेरी तो रक्षाबंधन पर भाई को राखी नहीं बांध पाने से दुखी बहन ने खा लिया जहर….
छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने रक्षाबंधन पर भाई को राखी नहीं बांध पाने की मजबूरी से दुखी होकर घर में रखे जहरीले पदार्थ को गटक लिया।
जहरीला पदार्थ गटकने से, जब महिला की तबीयत बिगड़ी तो उसने पति के लिए मोबाइल पर मैसेज लिखा, जल्दी घर आ जाओ। आखरी बार देख लो। पत्नी का मैसेज मिलते ही पति घर पहुंचा तो पत्नी को अस्पताल पहुंचाया। समय से अस्पताल पहुंचने से महिला की जान बच गई है।
बमीठा में गंज की रहने वाली 30 वर्षीय सोनम पत्नी आशीष मिश्रा गुरुवार को रक्षाबंधन के दिन घर में रखे जहरीले पदार्थ को आत्महत्या के इरादे से गटक लिया। इस दौरान सोनम के पति प्राइवेट स्कूल में टीचर आशीष घर से बाहर थे। अस्पताल में आशीष ने बताया कि उन्हें हर महीने 6500 रुपए सैलरी मिलती है, जिसमें वे दो बच्चों समेत पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस महीने सैलरी नहीं मिली। पत्नी रक्षाबंधन पर मायके जाने की कह रही थी। आशीष का कहना है सैलरी नहीं मिलने के कारण उससे कहा कि इस बार रहने दो, तीज का पर्व अच्छे से मना लेंगे। इसी बात पर पत्नी नाराज हो गई और उसने जहरीला पदार्थ गटक लिया। आशीष ने बताया कि मोबाइल में मैसेज आया जो पत्नी का था। उसमें लिखा था जल्दी घर आ जाओ और आखिरी बार देख लो। मैसेज पढ;ते ही घर पहुंचा और पत्नी को अस्पताल पहुंचाया। तत्काल इलाज मिलने से महिला की जान बच गई है।
मन बहुत दुखी था, कुछ समझ नहीं आयाः
अस्पताल में भर्ती सोनम ने बताया रक्षाबंधन भाई-बहन का सबसे बड;ा त्योहार है। मायके जाना था। पति को सैलरी नहीं मिली, इससे राखी पर कपड़े नहीं खरीद सके। पति से मिठाई और बधा के लिए कपड़े मांगे, लेकिन पैसे नहीं होने से उन्होंने मना कर दिया। बधाों को राखी, कपड;े और मिठाई नहीं दिला पाई। सोनम का कहना है कि इससे मन बहुत दुखी था। इसलिये यह कदम उठा लिया।
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