सारंगढ़। कहते हैं कि जब मेहनत, लगन और सही अवसर का साथ मिलता है, तो सफलता की राह खुद-ब-खुद बन जाती है। इसकी प्रेरणादायक मिसाल सारंगढ़ क्षेत्र के ग्राम धनगांव की भुनेश्वरी ने पेश की है। कभी सीमित संसाधनों के बीच परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करने वाली भुनेश्वरी आज मछली पालन के व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं। शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आज वे लखपति दीदी बनकर न केवल अपने परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित बिहान योजना का लाभ भुनेश्वरी के जीवन में बदलाव का माध्यम बना। ग्राम धनगांव की भुनेश्वरी ने वंदना स्व सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर भी मिला।
बिहान योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूह के माध्यम से भुनेश्वरी को 60 हजार रुपए की सामुदायिक सहायता तथा 15 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पूरी लगन के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में जुट गईं। लगातार मेहनत, बेहतर प्रबंधन और व्यवसाय के प्रति समर्पण के चलते उनकी आमदनी में वृद्धि होने लगी।
आज भुनेश्वरी मछली पालन से हर महीने लगभग 10 हजार रुपए की कमाई कर रही हैं। इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। पहले जहां परिवार की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, वहीं अब स्वरोजगार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण महिलाएं भी उचित मार्गदर्शन, आर्थिक सहयोग और मेहनत के बल पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
भुनेश्वरी की सफलता की कहानी केवल एक महिला की आर्थिक तरक्की तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर को भी दर्शाती है। स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। भुनेश्वरी की उपलब्धि से गांव की अन्य महिलाओं को भी छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिल रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मछली पालन जैसे स्वरोजगार के अवसर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्राम धनगांव की भुनेश्वरी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह संदेश दिया है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और सहयोग मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भी कायम कर सकती हैं।
- अमलीपाली केडार में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किया मरीजों का उपचार… - October 18, 2026
- माँ दुर्गा के दरबार में पहुंचे राम नारायण देवांगन, नगर की खुशहाली की कामना… - October 18, 2026
- नन्हीं अनमोल ने मां सिद्धिदात्री का रूप धर जीता सबका दिल, जयकारों से गूंज उठा गरबा पंडाल… - October 18, 2026
