सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस के मार्गदर्शन में जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा के नेतृत्व में व्यापक जनजागरूकता अभियान का रूप दिया जा रहा है। अभियान के पांचवें सप्ताह 13 से 19 सितंबर के दौरान पुलिस टीमों ने साइबर ठगी के नए तरीकों को लेकर विशेष रूप से युवाओं, नौकरीपेशा लोगों और श्रमिकों को जागरूक किया।
जिले के थानों, चौकियों, ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और हाट-बाजारों सहित 78 प्रमुख स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में करीब 5,185 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस ने लोगों को समझाया कि डिजिटल सुविधा के साथ थोड़ी सी लापरवाही भी बैंक खाते और निजी जानकारी के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

फर्जी नौकरी का झांसा, फीस के नाम पर ठगी—पुलिस ने किया अलर्ट
पुलिस ने खास तौर पर बेरोजगार युवाओं और श्रमिकों को फर्जी नौकरी के ऑफर से सावधान किया। साइबर ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और मोबाइल के माध्यम से आकर्षक वेतन वाली नौकरियों का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी, प्रोसेसिंग या अन्य शुल्क के नाम पर रकम मांगते हैं। पुलिस ने अपील की कि नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्ति या संस्था की विश्वसनीयता की जांच किए बिना कोई भुगतान न करें।
एक क्लिक पड़ सकता है भारी, अनजान लिंक से रहें दूर
जागरूकता कार्यक्रमों में फिशिंग लिंक को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या किसी को OTP, ATM PIN, UPI PIN, बैंक डिटेल और निजी दस्तावेज भेजने से साइबर अपराधी खाते तक पहुंच बना सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक या कोई विश्वसनीय संस्था भी संवेदनशील गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए इस तरह दबाव नहीं डालती।
रोजगार के लिए अधिकृत माध्यम अपनाने की सलाह
युवाओं को रोजगार के लिए रोजगार कार्यालय, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र, श्रमिक सहायता केंद्र और अन्य अधिकृत माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिले किसी भी नौकरी के विज्ञापन पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय संबंधित संस्था की आधिकारिक जानकारी और संपर्क माध्यम से सत्यापन करना जरूरी है।
ठगी हो जाए तो चुप न बैठें, तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों को ‘सतर्कता ही बचाव’ का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें। यदि साइबर ठगी हो जाए तो घबराने या चुप बैठने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें तथा नजदीकी थाना या साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें।
एसपी सुनील शर्मा के नेतृत्व में जिलेभर में चल रहा यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता के साथ आमजन की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है। लगातार आयोजित हो रहे जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए पुलिस लोगों को ठगी के नए तौर-तरीकों की जानकारी देकर उन्हें साइबर अपराधियों के जाल से बचने के लिए सतर्क कर रही है।
- IND vs WI: वेस्टइंडीज सीरीज से 8 खिलाड़ियों की छुट्टी, जानें टीम इंडिया में किसकी लगी लॉटरी? - September 17, 2026
- कैसे निकाला जाता है कॉकरोच का दूध, क्यों है यह हेल्दी? - September 17, 2026
- गणपति बप्पा के लिए मोदक नहीं बना पाए तो केले के हलवा का लगाएं भोग, आसान है रेसिपी… - September 17, 2026
