सारंगढ़-बिलाईगढ़। साइबर ठगी के मामलों में सारंगढ़ पुलिस ने तकनीकी जांच और साइबर विश्लेषण के जरिए बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन कराने वाले तीन आरोपियों को जिला दुर्ग से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा (भापुसे) के नेतृत्व, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेन्द्र पटेल एवं एसडीओपी सारंगढ़ गोविन्द दीवान के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को एक बैंक खाते में बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन का पता चला। तकनीकी जांच में सामने आया कि एक वर्ष के दौरान उक्त खाते में ₹2,71,75,719 से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ। वहीं इस बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों में 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज होना भी पाया गया।

2 हजार मोबाइल नंबरों का खंगाला रिकॉर्ड, फिर दुर्ग तक पहुंची पुलिस
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण किया। साइबर ठगी में संलिप्त अन्य आरोपियों की पहचान के लिए करीब 2,000 मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने 16 सितंबर 2026 को चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग में दबिश देकर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया।
APK फाइल और सर्वर के जरिए कराते थे अवैध ट्रांजेक्शन
पूछताछ में आरोपियों से साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन में APK फाइल डाउनलोड कराकर तथा सर्वर के माध्यम से अवैध ट्रांजेक्शन कराने में संलिप्त थे। आरोपियों ने अनिल पटेल के साथ मिलकर दिनेश बंजारे के बैंक खाते में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन कराने और इसके बदले कमीशन प्राप्त करने की जानकारी दी है।
मामले में पुलिस ने पहले ही अनिल पटेल निवासी सकरतुंगा, दिनेश बंजारे एवं उत्तम बाई बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था।
ये तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में चेतन निषाद उर्फ भदरी उर्फ लक्की (23 वर्ष) निवासी ग्राम सोंडरा, थाना धरसींवा, हाल कोलिहापुरी, जिला दुर्ग; देवा श्रीकांत चन्द्राकर (31 वर्ष) निवासी चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग तथा योगेन्द्र चन्द्राकर (32 वर्ष) निवासी चन्द्रखुरी, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया है।
वर्ना कार, 5 मोबाइल, एटीएम कार्ड और पासबुक जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वर्ना कार क्रमांक CG-10-AQ-7723, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये, पांच मोबाइल फोन कीमत करीब 1.50 लाख रुपये, साथ ही एटीएम कार्ड एवं पासबुक जब्त किए हैं।
तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर उप जेल सारंगढ़ भेज दिया गया है।
थाना प्रभारी प्रमोद यादव की टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में सिटी कोतवाली सारंगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और मैदानी कार्रवाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया। कार्रवाई में सउनि प्रकाश रजक, प्रधान आरक्षक भंवर काटले, प्रधान आरक्षक सोनसाय यादव, आरक्षक विमल जांगड़े, पुरुषोत्तम राठौर तथा साइबर सेल से रामकुमार मानिकपुरी और दीपक मैत्री सहित थाना एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसपी सुनील शर्मा के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण पुलिस जांच में कितना महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।


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