बरमकेला। बच्चों को कुपोषण के दुष्प्रभावों से बचाने और उन्हें स्वस्थ एवं सुपोषित बनाने के उद्देश्य से जिला रेडक्रास सोसायटी के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरमकेला में स्वास्थ्य एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा चिकित्सकों द्वारा आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। बच्चों और उनके अभिभावकों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से फल वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में कैट के जिलाध्यक्ष एवं जिला रेडक्रास सोसायटी के सदस्य रतनलाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को फल वितरित करते हुए अभिभावकों से अपील की कि बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उनके खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक एवं संतुलित आहार दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण को भी दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
रतनलाल शर्मा ने कहा कि कुपोषण केवल बच्चों के शारीरिक विकास को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका सीधा असर उनके मानसिक विकास और भविष्य की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर चलाए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर जरूरतमंद बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी लेकर उन्हें उचित परामर्श दिया गया तथा जरूरत के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभिभावकों को बच्चों के खान-पान, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को संतुलित आहार, पोषण संबंधी आदतों, स्वच्छता तथा बच्चों की नियमित देखभाल के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल कर स्वस्थ रखा जा सकता है।
कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरमकेला के बीएमओ डॉ. अवधेश पाणिग्राही सहित स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, बच्चों के पालक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि कुपोषण से लड़ाई केवल उपचार तक सीमित नहीं है। समय पर स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन, स्वच्छता और अभिभावकों की जागरूकता मिलकर ही बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ऐसे स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।

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